क्यूबा और अमेरिका की दुश्मनी 67 साल पुरानी, जानिए किन वजहों से बिगड़े रिश्ते

वॉशिंगटन/हवाना। क्यूबा और अमेरिका के बीच दुश्मनी का इतिहास करीब 67 साल पुराना है। दोनों देशों के रिश्ते 1959 की क्यूबन क्रांति के बाद बिगड़ने शुरू हुए, जब फिदेल कास्त्रो ने अमेरिका समर्थित सरकार को उखाड़ फेंका और क्यूबा ने सोवियत संघ के साथ गठजोड़ कर लिया। इसके बाद 1961 में अमेरिका ने क्यूबा से राजनयिक संबंध तोड़ दिए और 1962 में उस पर पूर्ण आर्थिक प्रतिबंध लगा दिया, जो आज भी काफी हद तक जारी है।

हाल के वर्षों में भी दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। अमेरिकी राजनीति में यह मुद्दा फिर चर्चा में है, जहां पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के बाद अमेरिका की नीति क्यूबा के प्रति और सख्त हो सकती है। क्यूबा पर तेल सप्लाई रोकने जैसे कदमों से उसकी अर्थव्यवस्था पर पहले से ही दबाव है।

क्यूबा और अमेरिका के बीच दुश्मनी की प्रमुख वजहें

1. क्यूबन क्रांति और अमेरिका समर्थित शासन का अंत
1959 में फिदेल कास्त्रो ने फुल्गेंशियो बतिस्ता की अमेरिका समर्थित तानाशाही को खत्म कर दिया। बतिस्ता अमेरिकी हितों के करीब था, इसलिए इस क्रांति को अमेरिका ने अपने प्रभाव के लिए खतरा माना।

2. अमेरिकी संपत्तियों का राष्ट्रीयकरण
क्रांति के बाद क्यूबा सरकार ने अमेरिकी कंपनियों की कई संपत्तियां जैसे चीनी मिलें और तेल रिफाइनरियां राष्ट्रीयकृत कर लीं। इन संपत्तियों के बदले मुआवजा नहीं दिया गया, जिससे अमेरिकी व्यवसायों को भारी नुकसान हुआ और तनाव बढ़ गया।

3. सोवियत संघ से गठजोड़
क्यूबा ने सोवियत संघ से आर्थिक और सैन्य मदद ली और कम्युनिस्ट व्यवस्था अपनाई। शीत युद्ध के दौर में अमेरिका ने इसे अपने क्षेत्र में कम्युनिज्म के फैलाव के रूप में देखा।

4. बे ऑफ पिग्स आक्रमण (1961)
अमेरिका ने सीआईए की मदद से क्यूबन निर्वासितों के जरिए फिदेल कास्त्रो की सरकार को गिराने की कोशिश की। हालांकि यह अभियान असफल रहा और इससे दोनों देशों के बीच दुश्मनी और गहरी हो गई।

5. क्यूबन मिसाइल संकट (1962)
सोवियत संघ ने क्यूबा में परमाणु मिसाइलें तैनात कर दीं, जिससे दुनिया परमाणु युद्ध के कगार पर पहुंच गई। अमेरिका ने क्यूबा की नाकाबंदी कर दी और यह शीत युद्ध का सबसे बड़ा टकराव माना जाता है।

6. लंबा आर्थिक प्रतिबंध
1962 से अमेरिका ने क्यूबा पर व्यापक व्यापारिक और आर्थिक प्रतिबंध लगाए हुए हैं। क्यूबा इसे आर्थिक युद्ध बताता है और यह दुनिया के सबसे लंबे समय तक चलने वाले प्रतिबंधों में से एक है।

7. मानवाधिकार और राजनीतिक आरोप
अमेरिका क्यूबा पर मानवाधिकार उल्लंघन, राजनीतिक कैदियों और अन्य देशों में क्रांतिकारी आंदोलनों को समर्थन देने के आरोप लगाता रहा है।

8. हाल के वर्षों में फिर बढ़ा तनाव
बराक ओबामा के कार्यकाल में 2015 में दोनों देशों के संबंधों में कुछ सुधार हुआ था और राजनयिक रिश्ते बहाल हुए थे, लेकिन बाद में ट्रंप प्रशासन ने नीतियां सख्त कर दीं। 2026 में भी क्यूबा को लेकर अमेरिकी नीति में सख्ती के संकेत मिल रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार क्यूबा और अमेरिका की यह दुश्मनी मुख्य रूप से विचारधाराओं—कैपिटलिज्म और कम्युनिज्म—के टकराव, आर्थिक हितों और भू-राजनीतिक रणनीति से जुड़ी रही है।

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