वॉशिंगटन। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी शक्तिशाली इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल LGM-30G Minuteman III का परीक्षण कर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यह न्यूक्लियर-कैपेबल मिसाइल है, जिसे अमेरिका की रणनीतिक परमाणु क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार मंगलवार रात इस मिसाइल का परीक्षण किया गया। इसकी मारक क्षमता और लंबी दूरी की वजह से इसे अक्सर “डूम्सडे मिसाइल” भी कहा जाता है।
हिरोशिमा बम से 20 गुना ज्यादा ताकत
जानकारी के मुताबिक मिनटमैन-III मिसाइल ऐसा परमाणु वॉरहेड ले जाने में सक्षम है जो Atomic bombing of Hiroshima में इस्तेमाल किए गए परमाणु बम से लगभग 20 गुना ज्यादा शक्तिशाली हो सकता है। इसी वजह से इसे दुनिया की सबसे खतरनाक रणनीतिक मिसाइलों में गिना जाता है।
रेंज और रफ्तार बेहद तेज
यह मिसाइल करीब 9,656 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है। इसकी गति लगभग 24,000 किलोमीटर प्रति घंटा से भी अधिक बताई जाती है। इतनी तेज रफ्तार के कारण यह कुछ ही मिनटों में एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप तक अपने लक्ष्य को भेद सकती है।
कैलिफोर्निया से किया गया परीक्षण
अमेरिकी स्पेस फोर्स के बयान के मुताबिक United States Space Force और एयर फोर्स ग्लोबल स्ट्राइक कमांड ने कैलिफोर्निया स्थित Vandenberg Space Force Base से इस मिसाइल का परीक्षण किया।
युद्ध से संबंध से किया इनकार
अमेरिकी स्पेस फोर्स ने स्पष्ट किया है कि यह परीक्षण लंबे समय से चल रहे नियमित मूल्यांकन कार्यक्रम का हिस्सा था और इसका किसी मौजूदा युद्ध या क्षेत्रीय संघर्ष से कोई संबंध नहीं है।
इससे पहले नवंबर 2025 में हुआ था टेस्ट
इससे पहले इस मिसाइल का परीक्षण नवंबर 2025 में किया गया था। उस समय अमेरिका में परमाणु हथियारों की तैयारी और रणनीतिक क्षमता को लेकर नई बहस छिड़ गई थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे परीक्षण वैश्विक सुरक्षा और हथियारों की दौड़ को लेकर चिंताओं को और बढ़ा सकते हैं।
