हरियाणा में कांग्रेस के 25% वोट बैंक को भाजपा को ‘उपहार’? बोध को राज्यसभा टिकट पर उठे सवाल

गुस्ताख़ी माफ़ हरियाणा – पवन कुमार बंसल

हरियाणा कांग्रेस द्वारा बोध को राज्यसभा का टिकट दिए जाने के फैसले पर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इस निर्णय को लेकर यह विश्लेषण सामने आया है कि कांग्रेस ने अपने एक बड़े वोट बैंक को मजबूत करने का अवसर गंवा दिया है, जिससे भाजपा को राजनीतिक लाभ मिल सकता है।

आलोचकों का कहना है कि राहुल गांधी ने बोध को राज्यसभा का टिकट देकर हरियाणा में कांग्रेस के सामाजिक और राजनीतिक समीकरण को मजबूत करने का एक अच्छा मौका खो दिया। उनके अनुसार बोध न तो कोई प्रमुख बौद्धिक व्यक्तित्व माने जाते हैं और न ही अपने समुदाय के प्रभावशाली नेता के रूप में उनकी पहचान है।

राजनीतिक विश्लेषण के अनुसार हरियाणा से कांग्रेस के पहले ही दो सांसद अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से हैं। ऐसे में पार्टी के पास यह अवसर था कि वह राज्यसभा के लिए किसी पिछड़ा वर्ग (BC-1) या डीएससी (DSC) समुदाय के प्रतिनिधि को आगे बढ़ाती। लेकिन ऐसा न करके कांग्रेस ने उस संभावित वोट बैंक को लगभग भाजपा के लिए खुला छोड़ दिया है।

टेलपीस:
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा इस पूरे घटनाक्रम में अपनी रणनीति में सफल दिखाई देते हैं। उन्होंने न तो कुमारी शैलजा गुट के किसी नेता को टिकट मिलने दिया और न ही किसी अन्य मजबूत दावेदार को। इससे कांग्रेस के भीतर का राजनीतिक मैदान उनके बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा के लिए अपेक्षाकृत खुला नजर आता है।

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