नई दिल्ली। हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और अंततः मोक्ष की प्राप्ति होती है। फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को रंगभरी एकादशी कहा जाता है, जिसे आमलकी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।
ब्रज क्षेत्र में इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के साथ होली खेलने की परंपरा है। वहीं काशी में इस अवसर पर ‘मसान होली’ खेली जाती है। आइए जानते हैं वर्ष 2026 में रंगभरी एकादशी कब है और इसका शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।
रंगभरी एकादशी 2026 कब है?
वैदिक पंचांग के अनुसार फाल्गुन शुक्ल एकादशी तिथि 27 फरवरी 2026 को मध्यरात्रि 12:33 बजे से प्रारंभ होकर उसी दिन रात 10:32 बजे तक रहेगी।
उदयातिथि के आधार पर रंगभरी एकादशी का व्रत 27 फरवरी 2026, शुक्रवार को रखा जाएगा।
रंगभरी एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त
इस दिन भगवान विष्णु के साथ भगवान श्रीकृष्ण की पूजा का विशेष महत्व है।
पूजा का शुभ समय: सुबह 6:48 बजे से 11:08 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:09 बजे से 5:58 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:11 बजे से 12:57 बजे तक
शुभ मुहूर्त में पूजा करने से व्रत का फल अधिक प्राप्त होता है।
पारण का समय
एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि को किया जाता है।
पारण तिथि: 28 फरवरी 2026, शनिवार
पारण का समय: सुबह 6:59 बजे से 9:20 बजे तक
द्वादशी तिथि रात 8:43 बजे तक रहेगी, इसलिए इससे पहले व्रत खोलना उचित रहेगा।
रंगभरी एकादशी पर ऐसे करें पूजा
प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
पूजा स्थान को साफ कर चौकी पर पीला वस्त्र बिछाएं।
भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी तथा शिव-पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें।
विष्णु जी को पीले पुष्प, फल और तुलसी दल अर्पित करें।
शिव जी को बेलपत्र और धतूरा अर्पित करें।
अबीर-गुलाल अर्पित करना भी शुभ माना जाता है।
घी का दीपक जलाकर एकादशी व्रत कथा पढ़ें या सुनें।
मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत करने से भगवान श्रीकृष्ण का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
khabre junction
डिस्क्लेमर- यहां दी गई जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं। khabrejunction.com इनकी पुष्टि नहीं करता।
