Car Dashboard Vastu Tips: क्या कार के डैशबोर्ड पर भगवान की मूर्ति रखना हमेशा शुभ होता है? जानें जरूरी नियम

नई दिल्ली। भारत में चाहे गाड़ी सस्ती हो या महंगी, कार के डैशबोर्ड पर भगवान की मूर्ति रखना आम बात है। अधिकतर लोग अपनी कार में भगवान शिव, श्रीकृष्ण, हनुमान जी या गणेश जी की छोटी प्रतिमा रखते हैं। मान्यता है कि यात्रा के दौरान भगवान की कृपा से सुरक्षा मिलती है और दुर्घटनाओं से बचाव होता है।

हालांकि, वास्तु शास्त्र के अनुसार डैशबोर्ड पर मूर्ति रखने के कुछ विशेष नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना आवश्यक माना जाता है।

 कैसी मूर्ति नहीं रखनी चाहिए?

वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार कार एक गतिशील स्थान है, जो लगातार चलती रहती है। ऐसे में डैशबोर्ड पर ध्यान मुद्रा या शांत बैठी हुई अवस्था वाली मूर्ति रखना उचित नहीं माना जाता।

ध्यान या समाधि मुद्रा शांति और स्थिरता का प्रतीक होती है, जबकि वाहन चलाते समय सजगता और सक्रियता जरूरी होती है। इसलिए ऐसी प्रतिमाओं से बचने की सलाह दी जाती है।

कैसी मूर्ति रखना शुभ माना जाता है?

वास्तु के अनुसार:

भगवान की छोटी प्रतिमा ही रखें।

प्रतिमा में भगवान की आंखें खुली हों।

भगवान आशीर्वाद मुद्रा में हों।

मूर्ति को डैशबोर्ड पर इस तरह रखें कि वह स्थिर रहे और ड्राइविंग में बाधा न बने।

 इन बातों का रखें विशेष ध्यान

अगर मूर्ति में दरार, खरोंच या टूट-फूट हो जाए तो उसे तुरंत बदल दें।

डैशबोर्ड पर अधिक सजावट, माला या भारी वस्तुएं न रखें।

जिस स्थान पर मूर्ति रखी हो, वहां नियमित साफ-सफाई करें।

मूर्ति इस तरह न रखें कि वह एयरबैग या ड्राइवर की दृश्यता में बाधा बने।

विशेषज्ञों का मानना है कि आस्था के साथ-साथ सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। कार में भगवान की मूर्ति रखना श्रद्धा का प्रतीक है, लेकिन वाहन चलाते समय सावधानी और यातायात नियमों का पालन ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।

 

khabre junction

डिस्क्लेमर- यहां दी गई जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं। khabrejunction.com इनकी पुष्टि नहीं करता।

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