रामपुर में कंट्रोल रूम का शुभारंभ: 12 गौशालाएं ऑनलाइन निगरानी से जुड़ीं, 3026 गौवंश पर रहेगी 24 घंटे नजर
रामपुर। जनपद में गौसंरक्षण व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से विकास भवन में स्थापित केंद्रीकृत कंट्रोल रूम का उद्घाटन जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने फीता काटकर किया। इस कंट्रोल रूम के माध्यम से जनपद में संचालित सभी स्थाई एवं अस्थाई गौ-आश्रय स्थलों की ऑनलाइन निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम से विभिन्न गौशालाओं की लाइव फीड का अवलोकन कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीसीटीवी कैमरों के साथ ऑडियो माइक्रोफोन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। इससे कंट्रोल रूम से सीधे संवाद स्थापित कर किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि गौवंश के संरक्षण, पोषण और स्वास्थ्य से संबंधित व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
12 गौशालाएं और 3026 गौवंश अब कैमरों की निगरानी में
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार ने बताया कि जनपद में वर्तमान में 12 स्थाई और अस्थाई गौ-आश्रय स्थल संचालित हैं, जिनमें कुल 3026 गौवंश संरक्षित हैं। इन सभी गौशालाओं को सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कंट्रोल रूम से जोड़ दिया गया है, जिससे 24 घंटे सतत निगरानी संभव हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि कंट्रोल रूम में सीसीटीवी फुटेज की निगरानी के लिए पशुधन प्रसार अधिकारियों की रोस्टरवार ड्यूटी लगाई गई है। इस व्यवस्था के प्रभावी संचालन के लिए उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. रामलखन को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ शुभारंभ
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चन्द्र, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के परियोजना निदेशक तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कहा कि इस नई व्यवस्था से गौशालाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और गौवंश की सुरक्षा एवं देखभाल और अधिक प्रभावी तरीके से सुनिश्चित की जा सकेगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि कंट्रोल रूम की स्थापना से गौसंरक्षण व्यवस्थाओं को नई मजबूती मिलेगी और जनपद में संचालित सभी गौ-आश्रय स्थलों की सतत निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी।
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