जब मेडिकल कॉलेज रोहतक ( पीजीआईएमएस) के निदेशक डॉक्टर जेपी सिंह ने शहद चोरी की.?

गुस्ताखी माफ हरियाणा – पवन कुमार बंसल

मेडिकल कॉलेज रोहतक (पीजीआईएमएस) के निदेशक डॉक्टर जे.पी. सिंह ने शहद चोरी की…?

किस्सा करीब बत्तीस साल पुराना है। भजन लाल चीफ मिनिस्टर थे और रेशम सिंह सीएम फ्लाइंग स्क्वायड के एसपी थे। पूर्व गृह मंत्री चरण सिंह के दामाद, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर जे.पी. सिंह की नियुक्ति देवी लाल ने मुख्यमंत्री रहते की थी और बाद में भजन लाल चीफ मिनिस्टर बन गए।

जे.पी. सिंह ने निदेशक रहते मेडिकल कॉलेज में जबरदस्त सुधार किए थे। मुख्यमंत्री भजन लाल को जे.पी. सिंह के खिलाफ शिकायत की गई, जिसमें अन्य आरोपों के अलावा एक आरोप यह भी था कि उन्होंने कॉलेज परिसर में लगे शहद के छत्ते से शहद तुड़वा लिया। शिकायत भी बेनामी थी।

रेशम सिंह ने जांच की और शिकायत को झूठी और बेबुनियाद पाया। रेशम सिंह ने “गुस्ताखी माफ हरियाणा” को बताया कि उन्होंने भजन लाल को बता दिया कि शिकायत में कोई तथ्य नहीं है। वैसे बेनामी शिकायत की परंपरा चलती रहती है।

ओमप्रकाश चौटाला के चीफ मिनिस्टर रहते मेडिकल कॉलेज के पूर्व निदेशक, बी.सी. रॉय अवार्ड से सम्मानित डॉक्टर सिवाच के खिलाफ विजिलेंस को बेनामी शिकायत की गई, जो जांच में झूठी और बेबुनियाद पाई गई और फाइल कर दी गई। फिर भूपिंदर सिंह हुड्डा चीफ मिनिस्टर बने तो वही पुरानी शिकायत फिर कर दी गई और फिर जांच के बाद फाइल कर दी गई।

फिर भी जे.पी. सिंह को नौकरी से डिसमिस कर दिया गया।

असल में हुआ यह कि उन्होंने रोहतक में नवभारत टाइम्स के पत्रकार नरेंद्र विद्यालंकार को दिए एक इंटरव्यू में कह दिया कि उनके खिलाफ जांच का आदेश देने वाला चीफ मिनिस्टर खुद करप्ट है। इसे सर्विस रूल्स का उल्लंघन माना गया और एक्शन ले लिया गया।

भजन लाल अपने गैर-जाट वोट बैंक को खुश करने के लिए ऐसी बचकानी हरकतें करते रहते थे। एक बार चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार का नाम बदलने का अभियान शुरू किया, लेकिन जबरदस्त आलोचना के चलते सिरे नहीं चढ़ा।

जब भजन लाल ने रोहतक के वकीलों से कहा — “जे थारी भैंस दूध देने से इंकार कर दे…”

सरकार के डॉक्टर जे.पी. सिंह को डिसमिस करने के फैसले के खिलाफ रोहतक के वकीलों ने हड़ताल कर दी। कुछ समय बाद रोहतक बार ने भजन लाल को आमंत्रित किया।

भजन लाल मौका कहां चूकने वाले थे। मौके का फायदा उठाते हुए बोले—
“भाई, तुम तो थोड़ी-थोड़ी बात पर हड़ताल कर देते हो। जे थारी भैंस दूध देने से इंकार कर दे, तो भी आप मुझ पर आरोप लगाकर हड़ताल कर दोगे।”

असल में भजन लाल डॉक्टर जे.पी. सिंह प्रकरण पर वकीलों की हड़ताल से परेशान थे।

“ज्ञापन वापस दे दो, गलती हो गई” — रोहतक के वकील और भजन लाल

रोहतक के वकील बड़े मुंहफट और हाजिरजवाब हैं। एक बार तत्कालीन चीफ मिनिस्टर भजन लाल को हिसार में अपनी मांगों के बारे में ज्ञापन दिया।

एक वकील ने शरारत करते हुए कहा—
“ज्ञापन वापस दे दो, क्योंकि गलती से अंग्रेजी में टाइप करवा लिया है।”

भजन लाल हाजिरजवाब भी थे और बर्फ की तरह ठंडे भी। बिना गुस्सा किए बोले—
“भाई, कोई बात नहीं, मेरे पास बहुत पढ़े-लिखे अफसर हैं, मैं उनसे पढ़वा लूंगा।”

अब कल्पना करो कि यदि वकीलों ने यही बात बंसीलाल या ओमप्रकाश चौटाला को कही होती, तो क्या होता—शायद राम भी नहीं जानता।

 

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