पानीपत जिमखाना क्लब में वाइन नहीं मिलने पर मची हलचल, डिप्टी कमिश्नर के कहने पर निर्यातक से मंगानी पड़ी चार पेटियां
गुस्ताखी माफ़ हरियाणा – पवन कुमार बंसल
जब मैडम ने कहा वाइन ले लूंगी और पानीपत जिमखाना क्लब में वाइन नहीं थी।
बात पुरानी है। हरियाणा में भी लोकसभा चुनाव हो रहे थे। पानीपत में अनुराग रस्तोगी डिप्टी कमिश्नर थे। साउथ इंडिया से एक महिला आई.ए.एस. अधिकारी, चुनाव आयोग की प्रेक्षक बनकर आयी थी। शाम को डिप्टी कमिश्नर ने मैडम से पूछा कि क्या हार्ड ड्रिंक लेंगी? मैडम ने कहा कि हां, वाइन ले लूंगी। डिप्टी कमिश्नर ने क्लब के मैनेजर को मैडम को बेहतरीन वाइन सर्व करने को कहा। उसने डिप्टी कमिश्नर को बताया कि यहां तो व्हिस्की उपलब्ध है।
असल में हरियाणा में अंग्रेजी शराब की दुकानों पर लिखा होता है इंग्लिश वाइन एंड व्हिस्की शॉप। सो रस्तोगी साहिब ने समझा कि यह वाइन ही होती होगी।
अब समस्या पैदा हो गयी। मैडम के लिए वाइन का प्रबंध करना था। इसी बीच जिमखाना क्लब के मैनेजर ने डिप्टी कमिश्नर के कान में कुछ कहा तो उनकी जान में जान आई। पानीपत में कई निर्यातक रहते हैं। उनके पास तरह-तरह की वाइन का स्टॉक होता था। आनन-फानन में एक निर्यातक को फोन लगाया गया।
अब भला जब डिप्टी कमिश्नर का आग्रह हो तो वहां वाइन की एक बोतल की जगह पूरी चार पेटियां आ गयीं।
सरड़ा ब्रांड शराब पीनी है। बात बहुत पुरानी है। उन दिनों सरड़ा गांव हरियाणा के जींद जिले में था और वहां की घर में निकाली गयी शराब बहुत मशहूर थी। एक बार एक विदेशी आए और उन्होंने उस शराब का स्वाद चखा तो उसके दीवाने हो गए। अपने देश पहुंचे तो उसी शराब की तलब लगी, तो इंडिया में अपने देश के राजदूत दोस्त से वही शराब यानी सरड़ा ब्रांड शराब उपलब्ध करवाने की मांग की।
अब राजदूत ने दिल्ली की सभी शराब की दुकानों को छान मारा, लेकिन सरड़ा ब्रांड शराब नहीं मिली। राजदूत की कोठी पर हरियाणा का एक बंदा मुलाजिम था। राजदूत ने उससे पूछा तो उसने हल निकाला और सरड़ा ब्रांड शराब उपलब्ध करवाई।
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