गुस्ताखी माफ हरियाणा – पवन कुमार बंसल
जब सीएम बंसीलाल की बेटी सरोज को मसूरी में पर्यटन महकमे के कॉम्प्लेक्स में कमरा लेने में दिक्कत हुई।
किस्सा करीब अट्ठाइस साल पुराना है। बंसीलाल हरियाणा के चीफ मिनिस्टर थे और उनकी बेटी सरोज सिवाच पंचकूला की डिप्टी कमिश्नर थीं।
सरोज को परिवार सहित मसूरी जाना था, इसलिए उन्होंने पर्यटन महकमे के बॉस जनाब ढिल्लो साहिब से बात की। लेकिन जब सरोज परिवार सहित वहाँ पहुँचीं, तो पाया कि सारे कमरे पहले से बुक थे। असल में हुआ यह कि ढिल्लो साहिब वहाँ के इंचार्ज को संदेश देना भूल गए थे और सभी कमरे दिल्ली के एक इंडस्ट्रियलिस्ट ने अग्रिम भुगतान देकर बुक कर रखे थे।
अब वहाँ के इंचार्ज चंद्रभान के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई। एक तरफ दिल्ली का इंडस्ट्रियलिस्ट था, जिसने पहले से भुगतान कर कमरे बुक करवा रखे थे, और दूसरी तरफ चीफ मिनिस्टर की बेटी। इंडस्ट्रियलिस्ट से कमरे खाली करवाना भी संभव नहीं था और मैडम को कमरे देना भी जरूरी था।
आखिरकार बीच का रास्ता निकाला गया। इंचार्ज चंद्रभान ने अपनी नौकरी का हवाला देकर इंडस्ट्रियलिस्ट को एक निजी होटल में शिफ्ट कराया और उसका पूरा बिल भी खुद ही चुकाया।
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