Haryana News: हरियाणा सरकार ने वर्ल्ड कैंसर डे के अवसर पर कैंसर मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है। राज्य के 22 जिला सिविल अस्पतालों में डे-केयर कैंसर सेंटर (DCCC) शुरू किए गए हैं। यह कदम कैंसर उपचार सेवाओं को जिला स्तर पर सुलभ बनाने और मरीजों पर आर्थिक बोझ कम करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
इससे पहले अंबाला, पंचकूला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और फरीदाबाद समेत केवल पांच जिलों में ही यह सुविधा उपलब्ध थी। अब विस्तार के बाद अधिक जिलों के मरीजों को अपने ही क्षेत्र में उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
अधिकारियों के अनुसार, इन सेंटरों में फॉलो-अप कीमोथेरेपी, पैलिएटिव केयर, लक्षणों का प्रबंधन और इलाज के बाद जरूरी सपोर्ट जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
क्यों जरूरी था यह कदम?
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा ने बताया कि इन सेंटरों को जिला स्तर पर कैंसर इलाज की पहुंच और वहन क्षमता बेहतर बनाने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है।
उन्होंने कहा, “इन सेवाओं को मरीजों के नजदीक लाकर हमारा लक्ष्य बार-बार टर्शियरी केयर संस्थानों में रेफर करने की जरूरत को कम करना है।”
हब-एंड-स्पोक मॉडल पर काम
नए सेंटर हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत कार्य करेंगे। नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (झज्जर), पीजीआईएमएस रोहतक, सर्वोदय हॉस्पिटल फरीदाबाद और अंबाला कैंट स्थित अटल कैंसर केयर सेंटर ‘हब’ के रूप में काम करेंगे।
यह मॉडल दूर-दराज के जिलों के मरीजों को बिना रुकावट उपचार उपलब्ध कराने में सहायक होगा।
सुमिता मिश्रा ने कहा कि कैंसर एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनकर उभरा है, जो न केवल बुजुर्गों बल्कि आर्थिक रूप से सक्रिय आबादी को भी प्रभावित कर रहा है। ऐसे में शुरुआती पहचान और निरंतर देखभाल बेहद जरूरी है।
स्क्रीनिंग सुविधाओं का विस्तार
नेशनल प्रोग्राम फॉर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज के तहत राज्य में कैंसर स्क्रीनिंग सेवाओं का भी विस्तार किया गया है। अब कई स्वास्थ्य केंद्रों पर कैंसर की जांच उपलब्ध है।
जिला अस्पतालों में संदिग्ध मामलों की पुष्टि के लिए FNAC, पैप स्मीयर और बायोप्सी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
अंबाला कैंट स्थित अटल कैंसर केयर सेंटर में मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में 20,000 से अधिक मरीजों ने यहां ओपीडी में इलाज कराया।
मरीजों को आर्थिक राहत
राज्य सरकार कैंसर मरीजों को कई वित्तीय सुविधाएं भी दे रही है। मरीज और एक अटेंडेंट को मुफ्त यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। वर्ष 2024-25 में 10,000 से अधिक ट्रैवल कार्ड जारी किए गए।
इसके अलावा स्टेज-3 और 4 के कैंसर मरीज, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय ₹3 लाख से कम है, उन्हें प्रति माह ₹3,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक 5,807 मरीज इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।
सरकार की इस पहल से उम्मीद है कि कैंसर उपचार अब जिला स्तर पर अधिक सुलभ और प्रभावी हो सकेगा, जिससे हजारों मरीजों को समय पर इलाज मिल पाएगा।
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