दो साल बाद भी नहीं मिली RTI की सूचना, विंध्य विद्यापीठ इंटर कॉलेज प्रकरण में प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

विंध्याचल (मिर्जापुर)। सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 जहाँ नागरिकों को 30 दिनों के भीतर सूचना देने की गारंटी देता है, वहीं विंध्य विद्यापीठ इंटर कॉलेज से जुड़ा एक मामला प्रशासनिक लापरवाही और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय निवासी द्वारा कॉलेज एवं उससे संबंधित भूमि/प्रबंधन अभिलेखों की जानकारी मांगते हुए RTI आवेदन दायर किया गया था। नियमानुसार एक माह के भीतर सूचना मिलनी चाहिए थी, लेकिन हैरानी की बात यह है कि करीब दो वर्ष बीत जाने के बाद भी विभाग ने सीधे जवाब देने के बजाय केवल आवेदन को जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को “फॉरवर्ड” कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।
सूत्रों के अनुसार, आवेदक को न तो समय पर कोई सूचना दी गई और न ही देरी का कोई स्पष्ट कारण बताया गया। यह RTI अधिनियम की धारा 7(1) का सीधा उल्लंघन माना जा रहा है, जिसमें समय सीमा निर्धारित है।
विशेषज्ञों का कहना है कि:
“RTI का उद्देश्य पारदर्शिता लाना है, लेकिन 2 साल बाद सिर्फ फॉरवर्ड करना सूचना देना नहीं, बल्कि कानून की अवहेलना है।”

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