- रिपोर्ट: हरिश्चंद चंद्र
कासगंज: नगर पालिका परिषद कासगंज में सफाई कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कर्मचारियों का आरोप है कि पूर्व में हुए समझौते के बावजूद उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, जिससे उन्हें दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
गौरतलब है कि इससे पहले 19 और 20 जनवरी को सफाई कर्मियों ने हड़ताल की थी। 21 जनवरी को नगर पालिका अध्यक्ष एवं एमएलसी रजनीकांत माहेश्वरी तथा कासगंज सदर विधायक देवेंद्र राजपूत के आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया गया था। उस समय नगर पालिका परिषद को 31 जनवरी तक मांगें पूरी करने का समय दिया गया था।
अब कर्मचारियों का कहना है कि नगर पालिका परिषद ने जनप्रतिनिधियों के आश्वासन की भी अनदेखी की है, जिससे कर्मचारियों को गहरा आघात पहुंचा है। हालांकि इस माह कई धार्मिक त्योहारों को देखते हुए शहरवासियों को असुविधा से बचाने के लिए फिलहाल हड़ताल नहीं की जा रही है, बल्कि केवल धरना प्रदर्शन जारी है।
सफाई कर्मियों की प्रमुख मांगों में 45 कर्मचारियों को पुनः कार्य पर रखना शामिल है, जो डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के कार्य से जुड़े थे और पिछले प्रदर्शन में शामिल रहे थे। इसके अलावा संविदा कर्मियों का एरियर भुगतान, ठेका कर्मचारियों के ईपीएफ बैकलॉग का निस्तारण, बैकलॉग कर्मचारियों को मूल पद पर बहाल करना, वर्ष 2011 में चार महिला कर्मियों को ठेके पर पुनः कार्य देना, ठेका कर्मचारियों को 30 दिन का सुनिश्चित वेतन, महिला सफाई कर्मी मालती देवी का एक वर्ष का लंबित एरियर भुगतान तथा जाड़ों में गर्म वर्दी उपलब्ध कराना भी मांगों में शामिल है।
सफाई कर्मी संघ ने नगर पालिका परिषद को मांग पत्र पर अमल करने के लिए पांच दिन का समय दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित अवधि में मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो पूरे शहर के सफाई कर्मचारी हड़ताल पर जाने को विवश होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी नगर पालिका परिषद कासगंज की होगी।
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