Quit Corporate Job: कॉर्पोरेट दबाव से तंग आकर युवती ने छोड़ी हाई-प्रोफाइल नौकरी, निर्जन और तूफानी द्वीप पर बसने का लिया फैसला

कॉर्पोरेट नौकरी का दबाव, भागदौड़ भरी जिंदगी और मानसिक तनाव से परेशान लोग अक्सर बदलाव का सपना देखते हैं, लेकिन चीन की एक महिला ने जो कदम उठाया है, उसने सभी को चौंका दिया है। इस महिला ने न सिर्फ अपनी हाई-पे कॉर्पोरेट जॉब छोड़ी, बल्कि शहर की चकाचौंध से दूर एक निर्जन, कठोर और तूफानी द्वीप पर रहने का फैसला कर लिया।

कौन है यह महिला

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, इस महिला का नाम यू ली है। यू ली का जन्म 1980 के दशक में हुआ था और वह पहले एक बड़ी प्रॉपर्टी डेवलमेंट कंपनी में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत थीं। हाल ही में उन्होंने ऑनलाइन पोस्ट के जरिए बताया कि वह अब डोंगझाई आइलैंड पर मछली पालन से जुड़े एक बेस पर क्वालिटी इंस्पेक्टर के तौर पर काम कर रही हैं।

यू ली ने ईस्ट चाइना सी में स्थित इस सुनसान द्वीप पर काम करने के लिए बीजिंग की प्रतिष्ठित कंपनी में अपनी सीनियर मैनेजमेंट की नौकरी छोड़ दी। उनका कहना है कि इस नई नौकरी में उन्हें करीब 40 हजार रुपये महीना वेतन मिलता है, लेकिन इसके बदले उन्हें सुकून भरा जीवन मिला है।

कैसा है द्वीप पर जीवन

यू ली के मुताबिक, यह द्वीप काफी कठोर और तूफानी है। यहां वह ईल (ईल मछली) और केकड़ों की उपलब्धता पर निर्भर रहकर जीवनयापन कर रही हैं। आसपास कई छोटे-छोटे द्वीप हैं, जहां कोई इंसान नहीं रहता। सबसे नजदीकी आबादी वाला द्वीप दाइशान आइलैंड है, जो लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित है।

क्या है यू ली का काम

यू ली के काम में मछली खिलाने वाले उपकरणों की जांच, पानी के तापमान और समुद्री लहरों का रिकॉर्ड रखना, साथ ही मछलियों की ग्रोथ पर नजर बनाए रखना शामिल है। उनका कहना है कि काम भले ही चुनौतीपूर्ण है, लेकिन मानसिक रूप से वह पहले से कहीं ज्यादा शांत और संतुलित महसूस करती हैं।

क्यों छोड़ी कॉर्पोरेट नौकरी

यू ली ने बताया कि दिसंबर से पहले तक वह बीजिंग के एक बड़े प्रॉपर्टी डेवलपर में सीनियर मैनेजर थीं और उन्होंने करीब दो दशकों तक वहां काम किया। लगातार बढ़ते काम के दबाव और भागदौड़ ने उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत पर बुरा असर डाला।

यू ने कहा,
“मैं साल के करीब 300 दिन बिजनेस ट्रिप पर रहती थी। जब बीजिंग में होती थी, तो ऑफिस और घर के बीच रोज़ चार घंटे सफर करना पड़ता था। उस वक्त मेरी फिजिकल और मेंटल हेल्थ दोनों ही बहुत खराब हालत में थीं।”

उन्होंने आगे बताया कि एक दिन उन्होंने खुद से सवाल किया—
“क्या तुम सच में यही ज़िंदगी चाहती हो?”

कुछ महीने पहले झेजियांग प्रांत के झोउशान की यात्रा के दौरान उन्हें क्वालिटी इंस्पेक्टर की नौकरी का एक विज्ञापन दिखा। इस नौकरी में ज्यादा खाली समय और कम तनाव की बात ने उन्हें आकर्षित किया और उन्होंने जिंदगी का रुख ही बदलने का फैसला कर लिया।

आज यू ली की कहानी उन लोगों के लिए मिसाल बन रही है, जो कॉर्पोरेट दुनिया के दबाव से निकलकर सुकून भरी जिंदगी की तलाश में हैं।

 

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