उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भवन और भूखंड खरीदारों को बड़ी राहत देते हुए ओटीएस-2026 (वन टाइम सेटलमेंट) योजना को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद के बकायेदारों के लिए इस योजना पर मुहर लगा दी है। इस फैसले से उन हजारों लोगों को फायदा होगा जो आर्थिक तंगी या अन्य कारणों से समय पर किस्तें जमा नहीं कर पाए थे।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, ओटीएस-2026 के तहत बकायेदारों को दोहरा लाभ मिलेगा। एक ओर जहां दंड ब्याज (पेनल्टी इंटरेस्ट) पूरी तरह माफ किया जाएगा, वहीं अगर आवंटी 30 दिन के भीतर पूरा भुगतान कर देते हैं तो उन्हें अतिरिक्त 3 प्रतिशत ब्याज में छूट भी दी जाएगी। इस योजना से आवंटियों को उनके घर या भूखंड का पूर्ण मालिकाना हक मिलेगा, साथ ही विकास प्राधिकरणों का फंसा हुआ राजस्व भी वापस आएगा।
किसे मिलेगा योजना का लाभ
ओटीएस-2026 का दायरा इस बार काफी व्यापक रखा गया है। इसके तहत:
सभी प्रकार की आवासीय संपत्तियां
स्कूलों और चैरिटेबल संस्थाओं को आवंटित प्लॉट
नीलामी से आवंटित व्यावसायिक संपत्तियां
सहकारी आवास समितियों की संपत्तियां
सरकारी संस्थाओं को आवंटित भूखंड
शामिल किए गए हैं।
90 दिन की देरी वालों को भी राहत
योजना के अनुसार, जो आवंटी निर्धारित तिथि के 90 दिन बाद तक भुगतान नहीं कर पाए, उन्हें भी डिफाल्टर मानते हुए ओटीएस का लाभ दिया जाएगा। सबसे बड़ी राहत यह है कि इनसे कोई दंड ब्याज नहीं लिया जाएगा। उनसे केवल वही साधारण ब्याज वसूला जाएगा, जो आवंटन के समय लागू था।
भुगतान के स्पष्ट नियम
ओटीएस के तहत जमा की गई राशि का हिसाब-किताब स्पष्ट रूप से तय किया गया है। पहले राशि को डिफाल्ट अवधि के ब्याज में समायोजित किया जाएगा, उसके बाद शेष रकम को मूलधन (प्रिंसिपल अमाउंट) में जोड़ा जाएगा। यदि कैलकुलेशन के बाद पहले से जमा की गई राशि अधिक निकलती है, तो वह वापस नहीं की जाएगी।
सिर्फ 3 महीने का मौका
सरकार की यह योजना सीमित अवधि के लिए लागू होगी। शासनादेश जारी होने के बाद बकायेदारों को SMS, ई-मेल और पत्रों के माध्यम से सूचना दी जाएगी। आवेदन के लिए केवल 3 महीने की विंडो खुली रहेगी। इच्छुक लोग www.awasbandhu.in
पर जाकर ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए विशेष हेल्प डेस्क भी बनाई जाएगी।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
योगी सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि जो डिफाल्टर ओटीएस-2026 में आवेदन नहीं करेंगे या तय समय में भुगतान पूरा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे आवंटियों की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू होगी। साथ ही, आवेदन के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाएगी।
कुल मिलाकर, ओटीएस-2026 योजना प्रदेश के हजारों आवंटियों के लिए राहत की सांस लेकर आई है, जो वर्षों से बकाया भुगतान के कारण परेशान थे।
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