ब्रिटिश सरकार के अनुरोध पर सऊदी अरब जाएंगे प्रिंस विलियम, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से होगी अहम मुलाकात
ब्रिटेन के प्रिंस ऑफ वेल्स प्रिंस विलियम सऊदी अरब की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर जा रहे हैं। इस दौरान उनकी मुलाकात सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से होगी। यह यात्रा ब्रिटिश सरकार के अनुरोध पर की जा रही है और इसे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, रॉयल पैलेस के सूत्रों ने बताया कि इस यात्रा का प्रमुख एजेंडा ऊर्जा सहयोग और आपसी आर्थिक संबंधों को मजबूत करना है। हालांकि, यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब सऊदी अरब बड़े सामाजिक और आर्थिक बदलावों के दौर से गुजर रहा है, वहीं ब्रिटेन का शाही परिवार आंतरिक विवादों और चुनौतियों का सामना कर रहा है।
प्रिंस विलियम के लिए सबसे बड़ी कूटनीतिक परीक्षा
ब्रिटिश सरकार के अनुरोध पर खाड़ी देश की यह प्रिंस विलियम की पहली यात्रा है, जिसे अब तक की उनकी सबसे बड़ी डिप्लोमैटिक परीक्षा माना जा रहा है। यात्रा से पहले उन्हें सऊदी अरब में मानवाधिकारों की स्थिति, समलैंगिकता, सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन, राजनीतिक असहमति और महिलाओं की भूमिका जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के राजनीतिक और प्रशासनिक इतिहास से भी उन्हें अवगत कराया जाएगा।
सऊदी अरब–ब्रिटेन संबंधों की पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री सर कीर स्टारमर द्वारा 2024 में सऊदी क्राउन प्रिंस से पहली मुलाकात के बाद यह आरोप लगे थे कि ब्रिटेन सरकार मानवाधिकार चिंताओं से ऊपर आर्थिक विकास और व्यापारिक हितों को प्राथमिकता दे रही है।
मानवाधिकार संगठनों ने सऊदी शासन पर बड़े पैमाने पर मौत की सजा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक और प्रवासी श्रमिकों के साथ दुर्व्यवहार जैसे आरोप लगाए हैं। इसके अलावा, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की एक रिपोर्ट में 2018 में पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के आदेश से क्राउन प्रिंस का नाम जुड़ने के बाद उनकी अंतरराष्ट्रीय छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा था।
‘स्पोर्ट्स वॉशिंग’ के आरोप भी
सऊदी अरब पर “स्पोर्ट्स वॉशिंग” के आरोप भी लगते रहे हैं, जिसमें कथित मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान हटाने के लिए बड़े खेल आयोजनों में निवेश करने की बात कही जाती है। सऊदी अरब वर्ष 2034 फुटबॉल विश्व कप की मेजबानी भी करेगा।
हालांकि, इसके बावजूद ब्रिटेन सरकार ने हाल के महीनों में चांसलर और विदेश सचिव की सऊदी यात्राओं के जरिए द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के प्रयास किए हैं। ऐसे में प्रिंस विलियम की यह यात्रा आने वाले समय में ब्रिटेन–सऊदी संबंधों की दिशा तय करने वाली मानी जा रही है।
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