मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से ऑनलाइन गेमिंग की लत से जुड़ी एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। देहली गेट थाना क्षेत्र के खैरनगर गूलर वाली इलाके में रहने वाले 23 वर्षीय मोहम्मद कैफ की ऑनलाइन गेम खेलते समय संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। यह घटना न सिर्फ परिवार, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी बनकर सामने आई है।
परिजनों और डॉक्टरों के अनुसार, कैफ की मौत का कारण ब्रेन हेमरेज बताया जा रहा है, जो अत्यधिक ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण हुआ। बताया जा रहा है कि मोहम्मद कैफ को ऑनलाइन गेमिंग का गहरा चस्का था और वह लंबे समय तक मोबाइल पर PUBG गेम खेलता रहता था।
गेम खेलते समय अचानक बिगड़ी तबीयत
घटना वाले दिन भी कैफ मोबाइल पर गेम खेलने में पूरी तरह मशगूल था। उसने कानों में ईयरफोन लगा रखे थे और वह गेम की दुनिया में खोया हुआ था। इसी दौरान अचानक उसे तेज सिरदर्द और बेचैनी महसूस हुई। कुछ ही पलों में वह बेहोश होकर गिर पड़ा।
परिजन तुरंत उसे स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया। करीब दो दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद आखिरकार कैफ ने दम तोड़ दिया।
ब्लड प्रेशर 300 के पार
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, भर्ती के समय कैफ का ब्लड प्रेशर 300 से अधिक था। चिकित्सकों का कहना है कि सामान्य व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 120/80 होता है, ऐसे में इतना अधिक ब्लड प्रेशर शरीर और खासकर दिमाग के लिए बेहद खतरनाक होता है।
गेमिंग का ‘साइलेंट किलर’ रूप
पड़ोसियों के मुताबिक, कैफ अक्सर कई-कई घंटों तक मोबाइल से चिपका रहता था। गेम खेलते समय वह इतना उत्तेजित हो जाता था कि उसे आसपास की सुध नहीं रहती थी। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक तनाव और उत्तेजना वाले ऑनलाइन गेम खेलने से शरीर में एड्रेनालाईन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे दिल की धड़कन तेज होती है और ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गेम के दौरान हार-जीत का तनाव दिमाग में अत्यधिक दबाव पैदा करता है, जिससे ब्रेन हेमरेज जैसी जानलेवा स्थिति बन सकती है।
परिवार सदमे में
कैफ के परिवार पर इस घटना के बाद दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन इस सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि बेटे का गेमिंग का शौक उसकी जान ले लेगा।
समाज के लिए चेतावनी
यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी प्रदेश के अन्य जिलों से गेमिंग से जुड़ी मानसिक और शारीरिक समस्याओं की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मनोरंजन तब तक ही ठीक है, जब तक वह नियंत्रण में हो। अगर कोई युवा घंटों तक अकेले गेम खेल रहा है, चिड़चिड़ा हो रहा है या उसकी सेहत गिर रही है, तो इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है।
यह घटना ऑनलाइन गेमिंग की बढ़ती लत और उसके खतरनाक परिणामों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है।
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