2031 तक अंतरिक्ष में जन्म ले सकता है पहला मानव बच्चा, वैज्ञानिकों के दावे ने बढ़ाई नई बहस

Babies in Space।वैज्ञानिकों ने एक चौंकाने वाला दावा किया है कि अंतरिक्ष में इंसानों द्वारा जन्मे पहले बच्चे का सपना अब ज्यादा दूर नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, साल 2031 तक स्पेस में पहला मानव बच्चा जन्म ले सकता है। जैसे-जैसे दुनिया अंतरिक्ष अन्वेषण के नए दौर में प्रवेश कर रही है और मंगल जैसे ग्रहों पर मानव मिशन की तैयारी हो रही है, वैसे-वैसे अंतरिक्ष में मानव जीवन से जुड़े नए सवाल सामने आ रहे हैं।

नया शोध क्या कहता है
डेली मेल की एक रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के एक समूह द्वारा प्रकाशित नए रिसर्च पेपर में कहा गया है कि धरती से बाहर यानी अंतरिक्ष और अन्य ग्रहों पर रिप्रोडक्टिव हेल्थ (प्रजनन स्वास्थ्य) को अब सर्वोच्च प्राथमिकता के तौर पर देखा जाना चाहिए। वैज्ञानिकों का मानना है कि भविष्य में अंतरिक्ष में इंसानी बस्तियों की कल्पना तभी साकार हो सकती है, जब वहां सुरक्षित प्रजनन संभव हो।

चूहों पर प्रयोग रहे सफल
पिछले वर्ष क्योटो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक अहम प्रयोग किया था, जिसमें यह साबित हुआ कि चूहों के अंडाणु (एग्स) और शुक्राणु (स्पर्म सेल्स) अंतरिक्ष में जीवित रह सकते हैं और उनसे स्वस्थ बच्चे पैदा हो सकते हैं। इस प्रयोग को मानव प्रजनन की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।

महिला अंतरिक्ष यात्रियों के आंकड़े
शोध में 40 महिला अंतरिक्ष यात्रियों से जुड़े आंकड़ों का भी विश्लेषण किया गया। इन आंकड़ों से पता चला कि उनकी प्रेग्नेंसी रेट और उससे जुड़ी जटिलताएं धरती पर उसी उम्र की महिलाओं में देखी जाने वाली दर के समान ही हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि अंतरिक्ष में जाने से महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर गंभीर नकारात्मक असर नहीं पड़ता।

अब थ्योरी नहीं, प्रैक्टिकल सवाल
शोधकर्ताओं का कहना है कि अंतरिक्ष में इंसानी फर्टिलिटी का मुद्दा अब केवल सैद्धांतिक नहीं रहा, बल्कि यह एक व्यावहारिक सवाल बन चुका है। स्टडी के सीनियर लेखक और नासा के रिसर्च साइंटिस्ट डॉ. फाथी करौइया के अनुसार, जैसे-जैसे अंतरिक्ष में इंसानों की मौजूदगी बढ़ रही है, प्रजनन स्वास्थ्य को अब नीतियों में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

अब भी कई शोध जरूरी
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अभी इस दिशा में बहुत कुछ जानना बाकी है। अंतरिक्ष में पुरुष और महिला फर्टिलिटी, जीरो ग्रैविटी में भ्रूण के विकास और जन्म के बाद बच्चों के शारीरिक विकास पर सीमित जानकारी उपलब्ध है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि स्पेस रेडिएशन के कारण नवजात बच्चों में विकास संबंधी असामान्यताएं हो सकती हैं, जिससे उनका शरीर पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण शक्ति के अनुरूप ढलने में सक्षम न रह पाए।

कुल मिलाकर, अंतरिक्ष में बच्चे के जन्म की संभावना ने विज्ञान, नैतिकता और मानव भविष्य से जुड़े कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब आने वाले वर्षों के शोध तय करेंगे।

 

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