वॉशिंगटन। अमेरिका इन दिनों भीषण शीतकालीन तूफान की चपेट में है। भारी बर्फबारी और जानलेवा ठंड ने पूरे देश में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। हालात इतने गंभीर हैं कि यातायात व्यवस्था लगभग ठप हो गई है और लाखों लोग अपने घरों में कैद होकर रहने को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा असर हवाई यातायात पर पड़ा है, जहां अब तक 13,500 से अधिक उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं।
राष्ट्रीय मौसम सेवा (नेशनल वेदर सर्विस) के अनुसार, इस विनाशकारी तूफान की चपेट में अमेरिका की करीब 18 करोड़ आबादी आ सकती है, जो देश की कुल जनसंख्या के आधे से भी अधिक है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।
इन शहरों में सबसे ज्यादा असर
तूफान का प्रभाव दक्षिणी पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर उत्तर-पूर्वी राज्यों तक देखा जा रहा है। बोस्टन, न्यूयॉर्क और वाशिंगटन जैसे प्रमुख शहरों में भारी बर्फबारी दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक कई इलाकों में 1 से 2 फीट तक बर्फ जमने की आशंका है, जिससे सड़कों पर आवागमन लगभग असंभव हो गया है।
हवाई यातायात पर सबसे बड़ा संकट
हवाई यात्रा के लिहाज से यह दिन अमेरिका के इतिहास के सबसे खराब दिनों में गिना जा रहा है। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, एक ही दिन में 13,500 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना महामारी के बाद यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में फ्लाइट्स एक साथ रद्द हुई हैं।
वाशिंगटन के रॉनल्ड रीगन नेशनल एयरपोर्ट पर स्थिति सबसे गंभीर रही, जहां करीब 97 प्रतिशत उड़ानें रद्द कर दी गईं। इसके अलावा अटलांटा, न्यूयॉर्क और फिलाडेल्फिया जैसे व्यस्त हवाई अड्डों पर भी सन्नाटा पसरा हुआ है।
हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे
इस प्राकृतिक आपदा ने अमेरिका की सभी प्रमुख एयरलाइनों को बुरी तरह प्रभावित किया है। अमेरिकन एयरलाइंस ने करीब 1,400 उड़ानें रद्द की हैं, जबकि डेल्टा और साउथवेस्ट को भी 1,000 से अधिक उड़ानें रोकनी पड़ीं। यूनाइटेड और जेटब्लू की भी औसतन 60 से 70 प्रतिशत उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। हजारों यात्री विभिन्न एयरपोर्ट्स पर फंसे हुए हैं और एयरलाइंस ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में यह संकट और गहरा सकता है।
सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित
हवाई यातायात के साथ-साथ सड़क और रेल व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। सड़कों पर जमी बर्फ के कारण वाहन फिसल रहे हैं और कई जगहों पर हाईवे बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें। इसके अलावा बिजली आपूर्ति बाधित होने से कई इलाकों में अंधेरा छाया हुआ है और हीटिंग सिस्टम के फेल होने की आशंका बनी हुई है।
कुल मिलाकर, यह शीतकालीन तूफान अमेरिका के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है, जिससे निपटने के लिए प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां लगातार प्रयास कर रही हैं।
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