गणतंत्र दिवस पर पहली बार सिनेमा की झांकी, ‘भारत गाथा’ ने दिखाया भारतीय सिनेमा का गौरवशाली इतिहास

नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में इस वर्ष एक अनोखी और ऐतिहासिक झांकी देखने को मिली। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से ‘भारत गाथा’ नामक झांकी प्रस्तुत की गई, जिसने भारतीय सिनेमा के गौरवान्वित इतिहास को भव्य और कलात्मक रूप में दर्शाया। यह झांकी न केवल सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन थी, बल्कि भारतीय सिनेमा की सौ वर्षों से अधिक की यात्रा की एक शानदार झलक भी प्रस्तुत करती नजर आई।

गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार सिनेमा आधारित झांकी को शामिल किया गया। ‘भारत गाथा’ झांकी के माध्यम से यह दर्शाया गया कि किस प्रकार भारतीय सिनेमा देश की कहानियों, विचारों और भावनाओं को पीढ़ी दर पीढ़ी जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम रहा है। झांकी में सिनेमा के सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय योगदान को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।

इस विशेष झांकी का डिजाइन प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली ने तैयार किया है। विजुअल भव्यता और कलात्मक प्रस्तुति ने दर्शकों को खासा प्रभावित किया। वहीं, पार्श्व गायिका श्रेया घोषाल की सुरीली आवाज ने झांकी की प्रस्तुति में भावनात्मक गहराई जोड़ते हुए दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

उल्लेखनीय है कि यह पहली बार है जब किसी फिल्म निर्देशक ने गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सिनेमा का प्रतिनिधित्व किया है। ‘भारत गाथा’ की थीम के जरिए भारतीय सिनेमा के 100 से अधिक वर्षों के सफर को सृजनात्मक अंदाज में दर्शाया गया, जिसमें देश की विविध संस्कृतियों, सामाजिक बदलावों और ऐतिहासिक घटनाओं की झलक देखने को मिली।

झांकी के सफल प्रदर्शन के बाद संजय लीला भंसाली ने कहा कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर फिल्म फ्रेटरनिटी का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए अत्यंत गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि ‘भारत गाथा’ के माध्यम से पुरानी कहानियों को नए संदर्भ में दोबारा कहने और भारतीय सिनेमा की विरासत को सम्मान देने का प्रयास किया गया है।

 

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