हरियाणा, 25 जनवरी (एम. पी. भार्गव)।शनिवार को देशभर में राष्ट्रीय बेटी दिवस श्रद्धा और संवेदनशीलता के साथ मनाया गया। इसी क्रम में विदिशा की बेटियों को जीने दो टीम ने रायसेन जिले की ऐतिहासिक नगरी सांची स्थित सिविल अस्पताल पहुंचकर नवजात बेटियों को गर्म कपड़े वितरित किए और बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया।
टीम प्रमुख दीपसिंह कुशवाह ने बताया कि राष्ट्रीय बेटी दिवस के अवसर पर टीम कार से सांची पहुंची। सर्वप्रथम सांची चौराहा स्थित महादेव मंदिर में बेटियों के उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इसके पश्चात टीम के सभी सदस्य सांची के सरकारी अस्पताल पहुंचे, जहां शनिवार सहित अन्य दिनों में जन्मी नवजात बेटियों की चरण-वंदना कर उन्हें गर्म कपड़े भेंट किए गए।
इस दौरान बेटियों के परिजनों को बेटियों की अच्छी परवरिश करने और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने का संकल्प भी दिलाया गया। साथ ही अस्पताल में मौजूद अन्य लोगों को भी बेटियों के महत्व और उनके प्रति सकारात्मक सोच अपनाने के लिए जागरूक किया गया।
टीम प्रमुख दीपसिंह कुशवाह ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी भूमि कुशवाह के चौथे जन्मदिन, 2 सितंबर 2017 से “बेटी के जन्म पर बेटी को कपड़े फ्री” नामक इस सराहनीय पहल की शुरुआत की थी, जो लगातार जारी है। अब तक देशभर में 2093 जोड़ी से अधिक कपड़े नवजात बेटियों को निःशुल्क वितरित किए जा चुके हैं।
इस अवसर पर रिटायर्ड शिक्षक रघुनाथ सिंह लोधी, दशरथ कुशवाह, नीरज कुशवाह, सोनू सेन, राधेश्याम सहित टीम के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
भारत के 10 राज्यों तक पहुंच चुकी सेवा
बेटियों को जीने दो टीम की यह जनसेवी पहल अब देशभर में सराहना पा रही है। अब तक यह सेवा नई दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, झारखंड, बिहार, हरियाणा, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित 10 राज्यों तक पहुंच चुकी है। विदिशा कार्यालय से प्रतिदिन बेटियों के लिए कपड़े वितरित किए जाते हैं, जबकि मध्य प्रदेश से बाहर जन्म लेने वाली बेटियों के लिए कपड़े पार्सल के माध्यम से भेजे जाते हैं। इस पहल का उद्देश्य भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में जन्म लेने वाली हर बेटी तक सहायता और संदेश पहुंचाना है।
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