- रिपोर्ट: कपिल सिंह
बाराबंकी।जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित लोकसभागार में उप संचालक चकबंदी (डीडीसी) सहित संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर जनपद में संचालित चकबंदी कार्यों एवं चकबंदी से संबंधित लंबित वादों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने पीठासीन अधिकारीवार लंबित वादों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि 3 से 5 वर्ष तथा 1 से 3 वर्ष से लंबित मुकदमों पर विशेष फोकस किया जाए और उनका गुण-दोष के आधार पर प्राथमिकता से शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि 5 वर्ष से अधिक समय तक कोई भी वाद लंबित नहीं रहना चाहिए, जबकि 3 से 5 वर्ष पुराने मामलों में भी प्रभावी और त्वरित कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि चकबंदी से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण होने से कास्तकारों को शीघ्र न्याय मिलेगा और प्रशासन के प्रति उनका विश्वास और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वाद निस्तारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही का विशेष ध्यान रखा जाए।
इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने जनपद में चकबंदी प्रक्रिया से जुड़े गतिमान ग्रामों की धारावार प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराया जाए। साथ ही नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा, ताकि किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो।
बैठक में बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी (एसओसी) संजय कुमार विश्वास, चकबंदी अधिकारी, सहायक चकबंदी अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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