मकर संक्रांति 2026: पवित्र नदियों में स्नान और सूर्य पूजन से मिलेगा पुण्य फल, खिचड़ी और दान का महत्व

हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का पर्व विशेष महत्व रखता है। इस दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, और इसके साथ ही दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं। इस साल मकर संक्रांति 14 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और दान देने की परंपरा है। इसे खिचड़ी पर्व के नाम से भी जाना जाता है।

स्नान और दान का महत्व
माना जाता है कि मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदी में स्नान करने से व्यक्ति के सभी पाप दूर हो जाते हैं और मृत्यु के बाद उसे बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही जीवन में आ रही बाधाएं भी दूर होती हैं। स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य देकर और अपनी सामर्थ्य अनुसार दान करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है।

ब्राह्म मुहूर्त में स्नान शुभ
इस वर्ष 14 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:27 बजे से लेकर 6:21 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, सूर्य देव का मकर राशि में प्रवेश शाम 3:16 बजे होगा, जो स्नान और पूजा के लिए भी अत्यंत शुभ समय माना जाता है।

घर पर स्नान का उपाय
यदि कोई व्यक्ति किसी कारणवश पवित्र नदी में स्नान नहीं कर सकता, तो वह घर पर स्नान करते समय पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करें। इसमें तिल डालने से पुण्य फल और सूर्य देव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। स्नान के बाद गरीबों और जरूरतमंदों को दान अवश्य दें।

मकर संक्रांति के दिन यह परंपरा न केवल धार्मिक मान्यता का पालन है, बल्कि इससे घर में सुख-समृद्धि और धन-समृद्धि भी बढ़ती है।

 

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डिस्क्लेमर- यहां दी गई जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं। khabrejunction.com इनकी पुष्टि नहीं करता।

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