जब शाहरुख खान करण जौहर पर हुए थे नाराज़, निखिल आडवाणी ने सुनाया ‘कुछ कुछ होता है’ के सेट का किस्सा

अभिनेता शाहरुख खान पिछले तीन दशकों से बॉलीवुड की रोमांटिक फिल्मों का चेहरा रहे हैं। भले ही आज वे एक्शन अवतार में ज्यादा नजर आ रहे हों, लेकिन दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, कुछ कुछ होता है और कल हो ना हो जैसी फिल्में आज भी दर्शकों के दिलों में खास जगह रखती हैं। हाल ही में फिल्म निर्माता निखिल आडवाणी ने इन फिल्मों से जुड़ी कुछ यादगार बातों को साझा किया और बताया कि कैसे कुछ कुछ होता है के पहले दिन के बाद शाहरुख खान उन पर और निर्देशक करण जौहर पर नाराज़ हो गए थे।

शाहरुख खान ने करण जौहर को कराई गलती की समझ
रेडियो नशा के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान निखिल आडवाणी ने करण जौहर की पहली निर्देशित फिल्म कुछ कुछ होता है के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि करण जौहर ने सेट पर ज़रूरत से ज्यादा तकनीकी उपकरण मंगवा लिए थे, जिनकी वास्तव में शूटिंग के लिए आवश्यकता नहीं थी। यह देखकर शाहरुख खान ने उन्हें उनकी गलती का एहसास कराया।

“पागल हो गए हो क्या?”
निखिल ने किस्सा सुनाते हुए बताया कि शूटिंग के पहले दिन गोल्डी हॉन और परमेश्वर गोदरेज करण जौहर से मिलने आने वाले थे। उत्साह में टीम ने डॉली, जिब समेत तमाम उपकरण मंगवा लिए। हालांकि जिस सीन की शूटिंग की गई, वह बाद में फिल्म में शामिल ही नहीं हुआ। इस दौरान एक सीन में डेंटिस्ट के क्लिनिक के बाहर रोते बच्चों का ट्रैकिंग शॉट फिल्माया गया, जिसमें छोटी अंजलि शाहरुख से कहती है— “पागल हो गए हो क्या? तमीज़ से पेश आओ।”

“बॉस, आप लोगों को कुछ नहीं आता”
दिन की शूटिंग खत्म होने के बाद शाहरुख खान ने निखिल और करण को अपनी वैन में बुलाया और साफ शब्दों में कहा, “बॉस, आप लोगों को कुछ नहीं आता। ये सारा सामान क्यों लाए? इस शॉट के लिए इसकी जरूरत नहीं थी। कुछ सोचिए।” निखिल ने बताया कि इसके बाद उन्होंने करण से कहा कि अब बस गाने शूट करने पर ध्यान देना चाहिए और वे फराह खान से सीखेंगे। आज भी निखिल कई सीन ऐसे शूट करते हैं जैसे कोई गाना फिल्माया जा रहा हो— यह तरीका उन्होंने फराह खान से सीखा।

‘कल हो ना हो’ के इमोशनल सीन पर क्या बोले निखिल
अपनी निर्देशित फिल्म कल हो ना हो को याद करते हुए निखिल आडवाणी ने शाहरुख खान के डेथ सीन का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उस भावुक दृश्य की शूटिंग के दौरान वे खुद रो पड़े थे, क्योंकि उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि सीन को कैसे फिल्माया जाए। सिनेमैटोग्राफर अनिल मेहता ने उन्हें सलाह दी थी कि दृश्य को सरल रखें और शाहरुख के नजरिए से शूट करें। यही वजह है कि वह सीन आज भी दर्शकों की आंखें नम कर देता है।

 

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