त्यागराज स्टेडियम विवाद के बाद IAS संजीव खिरवार की दिल्ली वापसी, प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा बड़ा यू-टर्न
नई दिल्ली।2022 में दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में कुत्ता टहलाने को लेकर हुए विवाद में सुर्खियों में आए IAS अधिकारी संजीव खिरवार एक बार फिर चर्चा में हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 4 जनवरी 2026 को AGMUT कैडर में बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत उन्हें लद्दाख से वापस दिल्ली ट्रांसफर कर दिया है। करीब साढ़े तीन साल बाद हुई इस वापसी को प्रशासनिक गलियारों में एक बड़ा “यू-टर्न” माना जा रहा है।
विवाद की शुरुआत मई 2022 में हुई थी, जब एक मीडिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में अभ्यास कर रहे एथलीट्स को शाम 7 बजे तक मैदान खाली करने को कहा जाता था, ताकि तत्कालीन प्रधान सचिव (राजस्व) संजीव खिरवार अपने पालतू कुत्ते को ट्रैक पर टहला सकें। रिपोर्ट में खिरवार और उनकी पत्नी रिंकू दुग्गा की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद देशभर में तीखी प्रतिक्रिया हुई थी।
हालांकि, संजीव खिरवार ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि वे कभी खिलाड़ियों की प्रैक्टिस में बाधा नहीं डालते थे और स्टेडियम बंद होने के बाद ही वहां आते थे। इसके बावजूद विवाद बढ़ने पर गृह मंत्रालय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 26 मई 2022 को उन्हें लद्दाख और उनकी पत्नी रिंकू दुग्गा को अरुणाचल प्रदेश ट्रांसफर कर दिया था। उस समय इसे अनुशासनात्मक कदम के रूप में देखा गया था, क्योंकि दोनों दिल्ली में वरिष्ठ पदों पर तैनात थे।
लद्दाख में तैनाती के दौरान संजीव खिरवार ने प्रधान सचिव के रूप में स्वास्थ्य, श्रम, चिकित्सा शिक्षा, रोजगार, वन और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली। उनके कामकाज की सराहना भी हुई, लेकिन विवाद की छाया पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। वहीं, उनकी पत्नी रिंकू दुग्गा के करियर पर इस प्रकरण का गंभीर असर पड़ा और 2023 में खराब प्रदर्शन रिकॉर्ड के आधार पर उन्हें जबरन सेवानिवृत्त कर दिया गया।
अब 2026 के इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल में गृह मंत्रालय ने 31 IAS और 18 IPS अधिकारियों का तबादला किया है, जिसमें संजीव खिरवार को लद्दाख से दिल्ली वापस बुलाया गया है। माना जा रहा है कि वे राजधानी में किसी वरिष्ठ प्रशासनिक पद पर तैनात होंगे।
खिरवार की दिल्ली वापसी को AGMUT कैडर की नियमित रोटेशन प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है, लेकिन त्यागराज स्टेडियम विवाद एक बार फिर बहस के केंद्र में आ गया है। प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
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