नई दिल्ली।राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में बढ़ते ट्रैफिक जाम और प्रदूषण की समस्या से निजात दिलाने के लिए रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) एक महत्वपूर्ण कदम साबित होने जा रहा है। ‘नमो भारत ट्रेन’ के नाम से पहचानी जाने वाली यह सेमी-हाई स्पीड ट्रेन 160 से 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से संचालित होगी।
गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने के लिए एक नया RRTS कॉरिडोर प्रस्तावित किया गया है, जिसे गुरुग्राम–फरीदाबाद–नोएडा–ग्रेटर नोएडा कॉरिडोर नाम दिया गया है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) द्वारा दिसंबर 2025 तक इस 61 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली गई है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 15,000 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। यह कॉरिडोर गुरुग्राम के IFFCO चौक से शुरू होगा, जहां से इसे दिल्ली–गुरुग्राम–SNB कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा।
कॉरिडोर का प्रस्तावित रूट
कॉरिडोर गुरुग्राम सेक्टर-29 के पास मिलेनियम सिटी सेंटर/ब्रिग ओसमान चौक से शुरू होकर फरीदाबाद के बाटा चौक और सेक्टर 85-86 होते हुए नोएडा सेक्टर-142 या 168 तक जाएगा। इसके बाद यह ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में समाप्त होगा।
कुल 6 स्टेशन प्रस्तावित
इस RRTS कॉरिडोर में कुल 6 स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है, जिनमें गुरुग्राम में 2, फरीदाबाद में 2, नोएडा में 1 और ग्रेटर नोएडा में 1 स्टेशन शामिल होगा।
सूरजपुर स्टेशन पर यह कॉरिडोर गाजियाबाद–जेवर एयरपोर्ट RRTS से जुड़ेगा, जिससे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक यात्रियों की पहुंच बेहद आसान हो जाएगी।
निर्माण कार्य
परियोजना का निर्माण कार्य दिसंबर 2026 से शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। इसके पूरा होने के बाद NCR में अंतर-शहरी आवागमन तेज, सुगम और पर्यावरण के अनुकूल हो जाएगा, जिससे दिल्ली पर ट्रैफिक का दबाव भी काफी हद तक कम होगा।
