गाजियाबाद। मुरादनगर थाना क्षेत्र के पिंक बूथ की प्रभारी महिला दरोगा प्रिया सिंह और हेड कांस्टेबल शाहिद अली को एंटी करप्शन टीम ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद एक अन्य दरोगा टीम को देखकर फरार हो गया। गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन टीम दोनों आरोपियों को वाहन में बैठाकर अपने साथ ले गई, जिससे थाने और पिंक बूथ में हड़कंप मच गया।
दहेज के मामले में मांगी गई थी घूस
एंटी करप्शन टीम के अनुसार आरोपियों ने एक दहेज उत्पीड़न के मुकदमे में नाम हटाने के एवज में पीड़ित से एक लाख रुपये की मांग की थी। पीड़ित द्वारा इतनी बड़ी रकम देने से इनकार करने पर उस पर दबाव बनाया गया और धमकी दी गई कि यदि पैसा नहीं दिया गया तो जेल भेज दिया जाएगा और पूरी जिंदगी खराब कर दी जाएगी। अंततः 50 हजार रुपये में सौदा तय हुआ।
पीड़ित ने इस पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन मेरठ में की। योजना के अनुसार जैसे ही पीड़ित ने 50 हजार रुपये की रिश्वत सौंपी, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए महिला दरोगा प्रिया सिंह और हेड कांस्टेबल शाहिद अली को गिरफ्तार कर लिया।
पिंक बूथ से लेकर थाने तक मचा हड़कंप
गिरफ्तारी की खबर फैलते ही पिंक बूथ और मुरादनगर थाने में अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान एक दरोगा मौके से पैदल ही फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है।
2023 बैच की दरोगा है प्रिया सिंह
प्रिया सिंह पुत्री शीलेंद्र पाल सिंह, जनपद फिरोजाबाद के गांव गढ़ी हट्टी की निवासी हैं। वह 2023 बैच की दरोगा हैं और 13 मार्च 2023 को पुलिस सेवा में चयनित हुई थीं। मेरठ में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद गाजियाबाद में उनकी पहली तैनाती हुई थी। मात्र दो वर्ष से कम सेवा अवधि में ही उन्हें मुरादनगर थाने के पिंक बूथ का प्रभारी बना दिया गया था। आरोप है कि हापुड़ के खड़खड़ी निवासी रजनीश त्यागी पुत्र संजीव त्यागी से दहेज के मुकदमे में धाराएं हटाने के लिए पहले एक लाख रुपये की मांग की गई थी।
फिलहाल एंटी करप्शन टीम द्वारा आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
