प्रदूषण बना सांस और स्वाद की परेशानी की बड़ी वजह, जानिए क्यों बेस्वाद लग रहा है खाना

आजकल बड़ी संख्या में लोग सांस लेने में दिक्कत, भूख कम लगना और खाने का स्वाद बदल जाने जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि खाना पहले जैसा अच्छा नहीं लगता, स्वाद फीका हो गया है और कभी-कभी मिचली भी महसूस होती है। खासकर बड़े शहरों में, जहां वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है, यह समस्या तेजी से बढ़ रही है।

इस विषय पर स्टेरिस हेल्थकेयर के डायरेक्टर एवं सीईओ जीवन कसारा ने बताया कि एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के रूप में वह इसे सरल भाषा में समझाना चाहते हैं कि आखिर प्रदूषण हमारे शरीर को इस तरह क्यों प्रभावित कर रहा है।

प्रदूषण और भूख का सीधा संबंध

जीवन कसारा के अनुसार जब हम प्रदूषित हवा में सांस लेते हैं, तो उसमें मौजूद PM2.5, धुआं, जहरीली गैसें और धूल के बेहद महीन कण सीधे नाक, गले और फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं। ये कण शरीर में सूजन (इंफ्लेमेशन) पैदा करते हैं। यह सूजन केवल फेफड़ों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि पाचन तंत्र और नर्वस सिस्टम को भी प्रभावित करती है। नतीजतन भूख कम लगने लगती है और शरीर सुस्त महसूस करता है।

स्वाद क्यों हो रहा है खत्म?

स्वाद महसूस कराने में नाक और जीभ की अहम भूमिका होती है। प्रदूषण की वजह से नाक की अंदरूनी झिल्ली में सूजन आ जाती है, जिससे स्मेल रिसेप्टर्स ठीक से काम नहीं कर पाते। जब सूंघने की क्षमता कमजोर होती है, तो स्वाद भी फीका लगने लगता है। यही कारण है कि खाना बेस्वाद महसूस होता है, भले ही वह पहले जैसा ही बना हो।

मिचली और असहजता की वजह

प्रदूषण से शरीर में टॉक्सिन्स बढ़ जाते हैं, जिससे पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसका असर मतली, गैस, अपच और कभी-कभी उल्टी जैसा महसूस होने के रूप में सामने आता है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति रहने पर शरीर की इम्युनिटी भी कमजोर हो सकती है।

बचाव के लिए क्या करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि प्रदूषण के दिनों में बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करें, पर्याप्त पानी पिएं, ताजे फल-सब्जियां और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर आहार लें। घर के अंदर हवा साफ रखने के लिए एयर प्यूरीफायर या प्राकृतिक वेंटिलेशन का सहारा लें। यदि लंबे समय तक भूख न लगने, सांस लेने में परेशानी या स्वाद खत्म होने की समस्या बनी रहे, तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण केवल फेफड़ों को ही नहीं, बल्कि हमारे खाने-पीने और संपूर्ण स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डाल रहा है, जिसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें

Leave A Reply

Your email address will not be published.