कई लोगों ने यह महसूस किया होगा कि कुछ मीठा खाने के बाद शरीर में सुस्ती आ जाती है या नींद-सी आने लगती है। इसी वजह से यह आम धारणा बन गई है कि मीठा खाने से अच्छी नींद आती है। लेकिन इस सोच में कितनी सच्चाई है? इस सवाल का जवाब डॉक्टरों की राय में थोड़ा अलग है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मीठा खाने के बाद कुछ समय के लिए ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ जाता है। यह बढ़ा हुआ शुगर लेवल कुछ लोगों को आराम या नींद जैसा एहसास दे सकता है। लेकिन इसके तुरंत बाद शरीर इंसुलिन रिलीज करता है, जिससे ब्लड शुगर अचानक गिरने लगता है। इसे ही “शुगर क्रैश” कहा जाता है। यह गिरावट शरीर में तनाव से जुड़े हार्मोन—जैसे कोर्टिसोल और एड्रेनालिन—को बढ़ा सकती है, जो नींद को बाधित कर सकते हैं या व्यक्ति को ज्यादा सतर्क बना देते हैं।
सोने से पहले मीठा खाने से नींद क्यों हो सकती है खराब?
ब्लड शुगर का उतार-चढ़ाव
मीठा खाने से पहले शुगर तेजी से बढ़ती है और फिर अचानक गिरती है। यह उतार-चढ़ाव रात में बार-बार नींद टूटने का कारण बन सकता है और नींद की गुणवत्ता को कम कर देता है।
मेलाटोनिन पर असर
कुछ शोध बताते हैं कि हाई ब्लड शुगर नींद के लिए जरूरी हार्मोन मेलाटोनिन के बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है, जिससे गहरी और सुकून भरी नींद में बाधा आती है।
अलर्टनेस बढ़ना
शुगर डोपामाइन और ओरैक्सिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर को बढ़ाती है, जो दिमाग को ज्यादा सक्रिय और सतर्क बनाते हैं। सोने से पहले यह स्थिति बिल्कुल भी अनुकूल नहीं मानी जाती।
पाचन से जुड़ी दिक्कतें
मीठे या भारी स्नैक्स खाने से अपच, एसिडिटी या लेटते समय पेट में असहजता हो सकती है, जिससे नींद और भी खराब हो जाती है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें
