नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। देश के सबसे व्यस्त रेल मार्ग—दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा—अब स्वदेशी एंटी-कोलिजन सिस्टम ‘कवच-4.0’ से लैस हो चुके हैं। लगभग 738 किलोमीटर लंबे इन रूटों पर कवच का काम पूरा कर लिया गया है, जिससे अब यहां ट्रेनों की टक्कर की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार (5 दिसंबर) को राज्यसभा में यह जानकारी देते हुए कहा कि भारत में इस तकनीक का काम देर से शुरू हुआ, लेकिन अब इसे मिशन मोड में तेजी से लागू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस सिस्टम को दुनिया ने दशकों पहले अपना लिया था, मगर अब भारत भी इस तकनीक में तेजी से आगे बढ़ रहा है और नतीजे बेहद उत्साहजनक हैं।
किन रूटों पर पूरा हुआ काम?
• दिल्ली–मुंबई रूट के पलवल–मथुरा–नगदा सेक्शन में: 633 किमी
• दिल्ली–हावड़ा रूट में: 105 किमी
➡ कुल: 738 किलोमीटर रेलवे ट्रैक अब ‘कवच’ से सुरक्षित
रेलवे के अनुसार अब इन मार्गों पर यात्री अधिक निश्चिंत होकर यात्रा कर सकेंगे।
क्या है कवच-4.0?
• भारत में बना ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) सिस्टम
• दो ट्रेनों के बीच टक्कर रोकने वाला सुरक्षा कवच
• ट्रेन की गति को स्वचालित रूप से नियंत्रित करता है
• सिग्नल लाल होने पर ऑटोमेटिक ब्रेक लगा देता है
• खराब मौसम या मानव-गलती के बावजूद सुरक्षा सुनिश्चित
• AI आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग से लैस
• 100% तक दुर्घटना की संभावना को कम करने में सक्षम
भारतीय रेलवे ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में देश के सभी प्रमुख रेल मार्गों को इस सुरक्षा तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर रेल यात्रा उपलब्ध कराई जा सके।
रेल सुरक्षा के क्षेत्र में भारत की यह उपलब्धि न सिर्फ तकनीकी आत्मनिर्भरता का मजबूत संकेत है, बल्कि हर भारतीय रेल यात्री के लिए एक महत्वपूर्ण राहत भी है।
