दिल्ली बम ब्लास्ट के विरोध में आज़ाद अधिकार सेना का प्रदर्शन, गृह मंत्री से 15 दिसंबर तक श्वेत पत्र जारी करने की मांग
- रिपोर्ट: जितेंद्र कुमार
गाजियाबाद। दिल्ली बम ब्लास्ट की हालिया घटना को लेकर आज़ाद अधिकार सेना ने आज गाजियाबाद जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष मधुर भारद्वाज के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने एकत्र होकर धमाके में मारे गए सभी लोगों की आत्मा की शांति के लिए मौन प्रार्थना की।
संगठन ने राष्ट्रपति के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक विस्तृत प्रतिवेदन (मेमोरेंडम) भी भेजा।
प्रतिवेदन में कहा गया है कि दिल्ली बम ब्लास्ट से पहले भी अमित शाह के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण आतंकी घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें—
बेंगलुरु ब्लास्ट (दिसंबर 2014), जम्मू हमला (मार्च 2015), गुरदासपुर हमला (जुलाई 2015), पठानकोट हमला (जनवरी 2016), उरी हमला (सितंबर 2016), बारामुला हमला (अक्टूबर 2016), पुलवामा हमला (फरवरी 2019), सुकमा हमला (अप्रैल 2021), राजौरी हमला (जनवरी 2023) और पहलगाम हमला (अप्रैल 2025)—प्रमुख रूप से शामिल हैं।
संगठन ने आरोप लगाया कि हर आतंकी घटना के बाद कठोर कार्रवाई और दुश्मनों को नेस्तनाबूद करने की घोषणाएं की जाती हैं, लेकिन वास्तविकता इससे उलट है।
कई गंभीर हमलों में ठोस कार्रवाई या पारदर्शी रिपोर्टिंग सामने नहीं आई, जिसके कारण जनता का भरोसा कमजोर पड़ता जा रहा है।
आज़ाद अधिकार सेना ने गृह मंत्री अमित शाह से मांग की कि—
अब तक हुई सभी आतंकी घटनाओं पर वास्तविक कार्रवाई का ब्यौरा देते हुए 15 दिसंबर 2025 तक एक सार्वजनिक श्वेत पत्र जारी किया जाए।
और यदि ऐसा करने में असमर्थ हों, तो गृह मंत्री पद से इस्तीफा दिया जाए।
प्रदर्शन में समर आलम (जिला अध्यक्ष, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ), महासचिव अनुराग ठाकुर, अर्जुन ठाकुर, सद्दाम (विधानसभा अध्यक्ष), शिवम (ब्लॉक अध्यक्ष) सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जिलाध्यक्ष
मधुर भारद्वाज
आज़ाद अधिकार सेना, गाजियाबाद
दिनांक: 14 नवंबर 2025
