देवबंद थाना अध्यक्ष नरेंद्र कुमार शर्मा की छवि धूमिल करने का प्रयास — सोशल मीडिया पर काट-छांट कर वीडियो अपलोड

  • रिपोर्ट: जितेंद्र कुमार

देवबंद। शांति समिति की एक बैठक में हुई चर्चा को तोड़-मरोड़ कर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का मामला सामने आया है। बैठक के दौरान थाना अध्यक्ष नरेंद्र कुमार शर्मा द्वारा कही गई बातों को गलत संदर्भ में प्रस्तुत कर उनकी छवि को धूमिल करने की कोशिश की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शांति समिति की इस बैठक में सभी धर्मों के लोग मौजूद थे। बैठक के दौरान मुस्लिम समुदाय के कुछ सदस्यों ने यह सवाल उठाया कि केवल मुस्लिमों को ही टारगेट किया जा रहा है। इसके जवाब में थाना अध्यक्ष नरेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि “आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता, वह किसी भी धर्म में हो सकते हैं।” उन्होंने आतंकवाद और नक्सलवाद जैसे मुद्दों पर सामान्य रूप से बात की थी।

हालांकि, बैठक में मौजूद एक व्यक्ति ने उत्साहवश बैठक का वीडियो बना लिया, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया। उसके बाद कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उक्त वीडियो को काट-छांटकर इस तरह प्रसारित किया गया कि मानो थाना अध्यक्ष ने किसी धर्म विशेष को लेकर टिप्पणी की हो।

जबकि पूरी वीडियो देखने पर यह स्पष्ट होता है कि थाना अध्यक्ष ने किसी भी धर्म, जाति या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुँचाने जैसी कोई बात नहीं कही।

देवबंद क्षेत्र के नागरिकों ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जबसे नरेंद्र कुमार शर्मा देवबंद में थाना अध्यक्ष के रूप में तैनात हुए हैं, शहर का माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुरक्षित रहा है। उनकी कार्यशैली निष्पक्ष और जनहित पर आधारित रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, शर्मा जी गौ-सेवक भी हैं — वे बीमार और लावारिश गायों को स्वयं गौशाला तक पहुँचाने का कार्य करते हैं। उनकी छवि एक संवेदनशील और ईमानदार अधिकारी की रही है।

इस पूरे मामले में स्थानीय नागरिकों ने अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और असामाजिक तत्वों द्वारा फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहें।

सच्चाई यही है कि देवबंद थाना अध्यक्ष नरेंद्र कुमार शर्मा ने कभी भी किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ कोई आपत्तिजनक बयान नहीं दिया।

सत्यमेव जयते — भारत माता की जय।

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