डायबिटीज आज दुनिया की सबसे आम और तेजी से फैलने वाली बीमारियों में से एक बन चुकी है। भारत को तो “डायबिटीज की राजधानी” कहा जाता है क्योंकि यहां हर उम्र के लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं।
NIIMS मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के जनरल मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रंजीत सिंह ने बताया कि डायबिटीज केवल ब्लड शुगर बढ़ने की बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर के कई हिस्सों को धीरे-धीरे प्रभावित करती है।
🔹 ब्लड शुगर बढ़ने से क्या होता है?
डॉ. सिंह ने बताया कि शरीर में इंसुलिन नामक हार्मोन का काम है खाने से मिलने वाली शुगर को ऊर्जा में बदलना। लेकिन जब इंसुलिन सही मात्रा में नहीं बनता या प्रभावी नहीं रहता, तो ग्लूकोज खून में जमा होने लगता है।
यह अतिरिक्त शुगर शरीर के लिए हानिकारक होती है, इसलिए शरीर उसे पेशाब के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करता है — यही कारण है कि डायबिटीज के मरीजों को बार-बार पेशाब आता है।
🔹 बार-बार पेशाब आने का कारण (Polyuria)
जब खून में शुगर का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो किडनी पर दबाव बढ़ता है। किडनी को अतिरिक्त ग्लूकोज को फ़िल्टर करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे पेशाब की मात्रा और आवृत्ति दोनों बढ़ जाती हैं। इस स्थिति को पॉलीयूरिया (Polyuria) कहा जाता है।
🔹 बार-बार प्यास लगने का कारण (Polydipsia)
जब शरीर बार-बार पेशाब के जरिए पानी खो देता है, तो डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी होने लगती है। इस वजह से व्यक्ति को लगातार प्यास लगती है ताकि पानी की कमी पूरी की जा सके। इस स्थिति को पॉलीडिप्सिया (Polydipsia) कहते हैं।
🔹 कब हो जाएं सतर्क?
अगर आपको नीचे दिए गए लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है —
बार-बार पेशाब आना (खासकर रात में)
बार-बार या अत्यधिक प्यास लगना
बिना वजह वजन घटना
थकान या कमजोरी
धुंधला दिखाई देना
