नागरिक सुरक्षा वार्डेन्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी, बचाव दल की संरचना व आपदा प्रबंधन पर दिया गया विस्तृत प्रशिक्षण
बरेली। भारत सरकार द्वारा संचालित नागरिक सुरक्षा वार्डेन एवं क्षमता निर्माण (P&CB) कोष के अंतर्गत अर्बन हाट ऑडिटोरियम में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम के चतुर्थ दिवस के प्रथम सत्र में बचाव दल की संरचना, कार्यप्रणाली और उपकरणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
इस सत्र में उपनियंत्रक नागरिक सुरक्षा बरेली राकेश मिश्र ने प्रशिक्षणार्थियों को बचाव दल की भूमिका, उसके उपकरणों एवं संचालन की विधि पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण (NDMA) का अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं, जबकि अन्य मंत्रीगण सदस्य के रूप में कार्य करते हैं। जिला स्तर पर पीडब्ल्यूडी के एक्सक्यूटिव इंजीनियर बचाव दल के प्रमुख होते हैं।
राकेश मिश्र ने कहा कि बचाव सेवा का गठन आपदा या हवाई हमले जैसी आपात स्थितियों में प्रभावित लोगों की राहत, खोज और बचाव कार्यों के लिए किया गया है, जिससे जन-धन की क्षति को न्यूनतम किया जा सके। उन्होंने बचाव सेवा के उद्देश्य, कार्य एवं मूलभूत सिद्धांतों पर भी विस्तार से चर्चा की।
इसके उपरांत एडीसी नेम सिंह ने बचाव सेवा संगठन की संरचना और भवनों के प्रकारों के बारे में बताया। उन्होंने अनफ्रेम्ड, सेमी फ्रेम्ड, फुली फ्रेम्ड, मोनोलेथिक और प्री-कास्ट भवनों की विशेषताओं की जानकारी दी। साथ ही भवनों के ध्वस्त होने के विभिन्न प्रकारों जैसे एक ओर झुकना, पूर्ण ध्वस्त होना, वी आकार और ए आकार में गिरने की स्थिति का वर्णन किया।
सहा उपनियंत्रक पंकज कुदेशिया ने ध्वस्त भवनों के सर्वेक्षण के चरणों — प्रारम्भिक, विशिष्ट और विस्तृत सर्वेक्षण — के बारे में बताया। उन्होंने सर्वेक्षण की तकनीकों पर चर्चा करते हुए क्षति का अनुमान, पहुंच मार्ग, सुरक्षित निकासी और फंसे लोगों की पहचान जैसे बिंदुओं को समझाया।
सहा उपनियंत्रक प्रमोद डागर ने बचाव कार्यों के चरणों को क्रमवार समझाया —
पहले चरण में मलबा हटाने, दूसरे चरण में सुरक्षा उपकरणों (हेलमेट, रबड़ जूते आदि) के प्रयोग और फंसे हुए लोगों को शांतिपूर्वक निकालने की प्रक्रिया बताई। तीसरे चरण में सुरक्षा सावधानियों जैसे माचिस या बीड़ी सिगरेट न जलाना और दीवारों से सटकर चलना जैसे निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने बचाव उपकरणों का प्रदर्शन किया और वार्डेन्स को भी उनका अभ्यास करवाया।
प्रशिक्षण के पूर्व सरदार वल्लभभाई पटेल की 159वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर उपनियंत्रक, सहा उपनियंत्रकगण एवं प्रभागीय वार्डन (आ) शिवलेश चन्द्र पाण्डेय ने सरदार पटेल के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। सभी वार्डेन्स ने राष्ट्रीय एकता और अखंडता की शपथ भी ली।
आज के प्रशिक्षण सत्र में मुख्य रूप से डिविजनल वार्डन (रि.) शिवलेश चन्द्र पाण्डेय, डिप्टी डिविजनल वार्डन (रि.) कँवलजीत सिंह, प्रभागीय वार्डन अलखनाथ अंजय अग्रवाल, एवं बारादरी प्रभाग के डिप्टी डिविजनल वार्डन कलीम हैदर सैफी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं ने सक्रियता से भाग लेते हुए आपदा प्रबंधन की तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की।
