लोक आस्था का महापर्व छठ को लेकर लखीसराय में घाटों की सुरक्षा के होंगे कड़े इंतजाम
जिले के 91 घाटों में से 21 अति संवेदनशील,मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति,मेडिकल टीम और गोताखोर भी रहेंगे तैनातडीएम मिथिलेश मिश्र ने जिले के सभी अंचल अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
- रिपोर्ट: सरफराज आलम
लखीसराय। लोक आस्था का महापर्व छठ की शुरुआत होने से पहले ही जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया है। जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में हुई शांति समिति और अंचलाधिकारियों की बैठक के बाद छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं।
सुरक्षा का अभेद्य घेरा:
* 91 में से 21 घाट अति संवेदनशील: जिले में कुल 91 घाटों को चिह्नित किया गया है, जिनमें से 21 घाट को अति संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। इन घाटों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
* मजिस्ट्रेट-पुलिस बल तैनात: सभी घाटों पर किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
* खतरे वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग, निजी नावों पर रोक: प्रशासन ने सभी खतरनाक घाटों/तालाबों पर बैरिकेडिंग का काम पूरा कर लिया है। साथ ही, इन खतरनाक घाटों पर निजी नावों के परिचालन को प्रतिबंधित कर दिया गया है।
* गोताखोर और आपदा मित्र मुस्तैद: जलजनित खतरों से निपटने के लिए सभी घाटों पर 19 गोताखोर और 137 आपदा मित्र को तैनात किया गया है।
* मेडिकल टीमें तैयार: श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुविधाओं को देखते हुए सभी घाटों पर आवश्यक मेडिकल किट/दवाओं के साथ मेडिकल टीम और आशा कर्मी की प्रतिनियुक्ति की गई है।
* कंट्रोल रूम से निगरानी: सभी घाटों पर कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जहां माईकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और जागरूकता फैलाई जा सके।
* पटाखों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध: छठ घाटों/तालाबों के आसपास पटाखों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। कंट्रोल रूम को माइकिंग के जरिए इस प्रतिबंध का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया है।
* रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था: छठ व्रतियों की सुविधा के लिए सभी घाटों पर रोशनी की समुचित व्यवस्था की गई है।
* कम्यूनिकेशन प्लान: सुरक्षा में लगे सभी प्रतिनियुक्त कर्मियों के नाम और मोबाइल नंबर के साथ एक विस्तृत कम्यूनिकेशन प्लान तैयार कर लिया गया है ताकि आपात स्थिति में त्वरित संपर्क सुनिश्चित हो सके।
सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी अनिवार्य
अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे छठ समितियों के साथ बैठक कर सामाजिक कार्यों में व्यक्तिगत अभिरूचि लेने वाले कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करें और किसी भी आपात स्थिति में उनका सहयोग सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी व्यवस्थाओं में चुनावी आचार संहिता का पालन सख्ती से किया जाएगा।
