दीवाली पर श्रद्धालु सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में हुए नतमस्तक गुरु घर में स्नान कर की सरबत के भले की अरदास

सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में दीपमाला और आतिशबाज़ी का नज़ारा, देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु, मनाया बंदी छोड़ दिवस का पर्व

अमृतसर: दीवाली का पर्व पूरे देश में हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है, वहीं अमृतसर में यह दिन बंदी छोड़ दिवस के रूप में बड़ी श्रद्धा से मनाया जाता है। इस दिन सिखों के छठे गुरु, श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने ग्वालियर किले से 52 राजाओं को आज़ाद करवाया था। उसी ऐतिहासिक घटना की याद में यह दिवस सिख समाज के लिए विशेष महत्व रखता है।

आज सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। श्रद्धालु पवित्र सरोवर में स्नान करने के बाद गुरु घर में माथा टेक कर सरबत के भले (सबके कल्याण) की अरदास कर रहे थे। परिसर में श्रद्धालुओं की चहल-पहल और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।

शाम के समय श्रद्धालुओं ने श्री हरमंदिर साहिब में दीपमाला की और रंग-बिरंगी आतिशबाज़ी से वातावरण को आलोकित किया। पूरा अमृतसर आज दीपों और श्रद्धा की रोशनी से जगमगा उठा।

इस अवसर पर दरबार साहिब के मैनेजर राजिंदर सिंह रूबी और सिख श्रद्धालुओं ने बताया कि आज दीवाली और बंदी छोड़ दिवस के मौके पर सुबह से ही गुरु घर में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। रहरास साहिब के पाठ के बाद दीपमाला और आतिशबाज़ी का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में संगत ने भाग लिया।

उन्होंने कहा कि देश-विदेश से श्रद्धालु अपने परिवारों सहित यहां पहुंचकर दीवाली और बंदी छोड़ दिवस का आशीर्वाद ले रहे हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की ओर से श्रद्धालुओं के लिए पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं, ताकि सभी संगतों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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