`पुलिस शहीदी दिवस पर सिरसा में भावपूर्ण श्रद्धांजलि समारोह आयोजित
"शहीदों की चिताओं पर हर वर्ष लगेंगे मेले, वतन पर मरने वालों का यही निशां होगा" – एसपी डॉ मयंक गुप्ता
ऐलनाबाद , सिरसा 22अक्टूबर ( एम पी भार्गव ) पुलिस लाइन 21 अक्टूबर को शौर्य, त्याग और बलिदान की अनगिनत कहानियों का साक्षी बनी, जहां पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर एक भावनाओं से ओतप्रोत श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक श्री मयंक गुप्ता, आईपीएस ने की। उन्होंने हरियाणा के वीर सपूतों सहित समस्त पुलिस शहीदों के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके अमर बलिदान को नमन किया।
इस अवसर पर एसपी गुप्ता ने सिरसा जिले के वीर शहीदों को विशेष रूप से स्मरण किया।
उन्होंने 18 जुलाई 2003 को उग्रवादियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए उप निरीक्षक हसराज और 06 दिसम्बर 2004 को अपराधियों से मुकाबला करते हुए शहीद हुए उप निरीक्षक हरनाम सिंह साजन्ट को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों को मंच पर सम्मानित किया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इन शहीदों का बलिदान पुलिस विभाग ही नहीं, पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
समारोह की शुरुआत मौन श्रद्धांजलि और शोक सलामी के साथ की गई, जिसमें जिले भर से सैकड़ों पुलिस अधिकारी एवं जवान सम्मिलित हुए। एसपी गुप्ता ने अपने जोशीले भाषण में कहा कि “पुलिस स्मृति दिवस कोई साधारण दिन नहीं, बल्कि पुलिस बल के त्याग, समर्पण और अनुकरणीय साहस का प्रतीक है। शहीदों की शहादत अमर है और उनका ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता।”
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आतंकी घटनाएं, दंगे, प्राकृतिक आपदाएं या महामारी—हर संकट की घड़ी में सबसे पहले पुलिस ही मोर्चा संभालती है, और जनसुरक्षा सुनिश्चित करती है।
पुलिस अधीक्षक ने 1959 की लद्दाख के हॉटस्प्रिंग की घटना को भी याद किया, जहां चीनी सेना के हमले में भारतीय पुलिस के कई जवान शहीद हुए थे। उन्हीं की स्मृति में 21 अक्तूबर को हर साल यह दिवस मनाया जाता है।
इस मौके पर ASP फैसल ख़ान,डीएसपी हडक्वाटर आदर्शदीप, डीएसपी सिरसा राजेश कुमार ,, थाना शहर प्रभारी संदीप कुमार, सदर थाना प्रभारी सुखदेव सिंह, सिविल लाइन प्रभारी प्रदीप कुमार,रानियां थाना प्रभारी दिनेश कुमार ऐलनाबाद प्रभारी प्रगट नाथूसरी चोपटा प्रभारी राधेश्याम सहित जिले के अनेक वरिष्ठ अधिकारी, थाना प्रभारी और पुलिसकर्मी उपस्थित रहे। सभी ने शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन पारंपरिक रस्मों और पद चिन्हो के साथ हुआ। पुलिस स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर सपूतों को सच्ची श्रद्धांजलि दी गई। यह आयोजन हर साल राष्ट्रीए स्तर मनाया जायगा
