IRCTC घोटाला केस में लालू प्रसाद यादव परिवार पर लगे गंभीर आरोप — रविशंकर प्रसाद ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस, कहा “जमीन दो-नौकरी लो” है परिवार का भ्रष्टाचार मॉडल
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता, लोकसभा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और उनके पुत्र तेजस्वी यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज अदालत ने IRCTC घोटाला मामले में IPC की धारा 120-बी (षड्यंत्र) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत तीनों पर आरोप तय किए हैं।
“लालू राज” के चार मॉडल – चारा, अलकतरा, टेंडर घोटाला और जमीन दो-नौकरी लो
रविशंकर प्रसाद ने कहा, “अगर लालू प्रसाद यादव के शासन को चार वाक्यों में परिभाषित किया जाए तो वह होंगे – चारा खाना, अलकतरा पीना, सरकारी संपत्ति के वितरण में टेंडर घोटाले करना, और चौथा ‘जमीन दो, नौकरी लो’। इस मॉडल की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसका सारा फायदा सिर्फ परिवार को मिला, जनता को नहीं।”
उन्होंने कहा कि आज तेजस्वी यादव खुद को बिहार बदलने वाला बताते हैं, जबकि उनके ऊपर धारा 420 (धोखाधड़ी) और धारा 120बी (षड्यंत्र) के आरोप हैं। “जब खुद पर इतने गंभीर आरोप हों, तो ऐसे व्यक्ति बिहार को कैसे बदल सकते हैं?” उन्होंने सवाल उठाया।
गरीबों से छीनी जमीन, बदले में वादे किए रोजगार के
बीजेपी नेता ने कहा कि “जमीन दो, नौकरी लो” योजना के सबसे बड़े शिकार गरीब लोग रहे। पहले उनकी जमीन छीनी गई और फिर रोजगार के नाम पर उन्हें ठगा गया। यही तथाकथित “सामाजिक न्याय” है, जिसमें गरीबों के अधिकारों को लूटा गया और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया गया।
रेलवे होटल घोटाले में ₹93 करोड़ की जमीन मात्र ₹1.47 करोड़ में
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि दो रेलवे होटलों के पट्टे के बदले, पटना की करीब ₹93 करोड़ मूल्य की जमीन मात्र ₹1.47 करोड़ में एक कंपनी को बेची गई, और बाद में वह जमीन राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के नाम पर कर दी गई। उन्होंने कहा कि यह भी “जमीन दो, होटल लो” योजना का हिस्सा था, जो भ्रष्टाचार का नया उदाहरण है।
तेजस्वी यादव की संपत्ति पर उठे सवाल
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि तेजस्वी यादव के पास 1993 से 2007 के बीच 11 संपत्तियाँ थीं — जिनमें कृषि, आवासीय और वाणिज्यिक भूमि शामिल है।
“तेजस्वी यादव का जन्म 1990 में हुआ। 1993 में उनकी उम्र 3 वर्ष थी और 2007 में 17 वर्ष। तो फिर 17 साल की उम्र में उनके पास 11 संपत्तियाँ कैसे आईं?”
राबड़ी देवी की संपत्ति पर भी आरोप
राबड़ी देवी के पास 3 कृषि भूमि, 4 गैर-कृषि भूमि, 1 वाणिज्यिक संपत्ति और 5 आवासीय प्लॉट हैं। इसके अलावा उन्होंने पावर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से भी कई संपत्तियाँ लीं। रविशंकर प्रसाद ने सवाल किया कि उनकी आय का स्रोत क्या है और वह इतनी संपत्ति की मालकिन कैसे बनीं?
भ्रष्टाचार का लंबा इतिहास – चारा घोटाले से लेकर IRCTC तक
बीजेपी नेता ने कहा कि लालू यादव पहले ही चारा घोटाले में दोषी ठहराए जा चुके हैं और अलकतरा घोटाले में भी कार्रवाई हुई। अब “जमीन के बदले नौकरी” और IRCTC घोटाले ने उनकी कथित भ्रष्टाचार गाथा को फिर उजागर किया है।
“लालू यादव की कहानी इतनी लंबी है कि उसमें हमेशा कुछ नया होता रहता है।”
बिहार की जनता से अपील
रविशंकर प्रसाद ने कहा , “तेजस्वी यादव हर परिवार को नौकरी देने का वादा कर रहे हैं। लेकिन अगर उनका यही मॉडल है, तो बिहार की जनता सावधान रहे — नौकरियाँ नहीं मिलेंगी, बल्कि जमीन चली जाएगी। यह परिवार का ‘परीक्षित मॉडल’ है।”
भाजपा की कड़ी प्रतिक्रिया
श्री प्रसाद ने कहा कि “ये वही लोग हैं जो खुद को बिहार का विकासकर्ता बताते हैं, जबकि असल में इनका उद्देश्य केवल अपने परिवार की संपत्ति बढ़ाना है।” उन्होंने कहा कि सीबीआई की जांच में 17 मामलों में कार्रवाई पूरी हो चुकी है और अब अदालत में ट्रायल शुरू होगा।
उन्होंने कहा, “आज का दिन ऐतिहासिक है। लालू परिवार के भ्रष्ट आचरण का सच एक बार फिर देश के सामने आया है। अब न्याय प्रक्रिया अपने अंतिम परिणाम की ओर बढ़ रही है, और बिहार की जनता जरूर इस सच्चाई पर विचार करेगी।”
