आर्थिक बोझ नहीं झेल पाया बैंक कर्मी सुनील कुमार सिंह,फांसी लगाकर की आत्महत्या,परिजनों में मचा कोहराम
एसपी अजय कुमार ने कहा,मामले की जा रही गंभीरता से जांच
- रिपोर्ट: सरफराज आलम
लखीसराय। शहर के पुरानी बाजार स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की लखीसराय शाखा में बुधवार की सुबह उस समय मातमी सन्नाटा छा गया,जब बैंक परिसर में कार्यरत बैंक का निजी कर्मचारी सुरेंद्र कुमार सिंह (24 वर्ष) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, मृतक लखीसराय थाना क्षेत्र के लोदिया गांव निवासी मुकेश कुमार सिंह का पुत्र था।सुरेंद्र यूनियन बैंक से संबद्ध सीएसपी यूनिट संचालित करता था और साथ ही बैंक में दैनिक मजदूरी पर सफाई कर्मी के रूप में भी कार्य करता था।बैंक उसे हर महीने लगभग चार हजार रुपये का भुगतान करता था।जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे सुरेंद्र रोज़ की तरह बैंक की चाभी लेकर शाखा पहुँचा, बैंक खोला और सफाई का कार्य किया।इसके बाद उसने बैंक परिसर के पावर रूम में पर्दे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।जब लगभग साढ़े नौ बजे तक बैंक नहीं खुला तो कर्मचारियों और गार्ड ने दरवाज़ा तोड़ा. अंदर प्रवेश करते ही सुरेंद्र का शव फंदे से लटका मिला. सूचना मिलते ही नगर थानाध्यक्ष सुनील कुमार सहनी दल-बल के साथ मौके पर पहुँचे. पुलिस ने एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी) की टीम को बुलाकर वैज्ञानिक जांच कराई और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।
थानाध्यक्ष सुनील कुमार साहनी के अनुसार, प्रथम दृष्टया आर्थिक दबाव के चलते सुरेंद्र ने यह कदम उठाया है।बताया जा रहा है कि वह कुछ समय से आर्थिक तंगी में था. इस दर्दनाक घटना के बाद यूनियन बैंक में पूरे दिन कामकाज बाधित रहा।बैंक के कर्मचारियों और ग्राहकों की आँखों में आँसू थे।परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था।पत्नी शिवानी कुमारी बेहोश हो गई, जबकि दो वर्षीय बेटी पिता के निधन से अनजान अपने परिजनों को देखती रही. यूनियन बैंक प्रबंधन ने मृतक के परिजनों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। एसपी अजय कुमार ने मामले के संदर्भ में बताया कि काफी बारीकी और वैज्ञानिक तकनीक से जांच की जा रही है।
