गाजियाबाद। नवरात्रों की शुरुआत होते ही गाजियाबाद के मोदीनगर स्थित सीकरी खुर्द गांव का महामाया देवी मंदिर आस्था और श्रद्धा का केंद्र बन गया है। रविवार सुबह से ही यहां भक्तों का तांता लगा रहा। हजारों श्रद्धालु मां महामाया के दर्शन के लिए पहुंचे और आस्था के साथ पूजा-अर्चना की।
यह मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि इतिहास का भी जीवंत साक्षी है। करीब 600 साल पुराना यह प्राचीन मंदिर अपनी पौराणिक मान्यता और ऐतिहासिक घटनाओं के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहां मां महामाया की कृपा से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
हर साल नवरात्रों में यहां विशेष मेला लगता है। दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। आस्था के साथ-साथ लोगों का विश्वास भी इस मंदिर की दिव्यता से जुड़ा हुआ है।
इतिहास गवाह है कि 1857 की क्रांति के दौरान इसी मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन बरगद के पेड़ पर अंग्रेजों ने करीब 150 क्रांतिकारियों को फांसी दी थी। यह स्थान आज भी देशभक्ति और बलिदान की अमर गाथा सुनाता है।
भक्तों का कहना है कि यह मंदिर चमत्कारी है और मां महामाया के दरबार में आकर हर साधक की मनोकामना पूरी होती है। यही कारण है कि नवरात्र के पहले ही दिन यहां अपार भीड़ उमड़ पड़ी।
