गाजियाबाद/दिल्ली। मोदीनगर का मशहूर पेय ब्रांड जैन शिकंजी (Jain Shikanji) के नाम के दुरुपयोग पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए अनुभव जैन को 8 हफ्ते की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि यह मामला न सिर्फ ट्रेडमार्क उल्लंघन है बल्कि न्यायालय की अवमानना भी है।
जैन शिकंजी के रजिस्टर्ड मालिक सतीश कुमार जैन ने बताया कि 2008 से ही कई लोग उनके ब्रांड के नाम पर दुकानें और बोतलें बेचने लगे थे। इस पर उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। पहले कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2023 में सजा सुनाई थी, लेकिन आरोपियों ने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था।
अब 19 सितंबर 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट ने अंतिम फैसला सुनाते हुए कहा कि अनुभव जैन और प्रदीप जैन पहले ही “Jain Shikanji” या उससे मिलते-जुलते नामों के इस्तेमाल से रोके जा चुके थे। इसके बावजूद वे “प्रदीप जैन शिकंजी” नाम से बोतलें बेच रहे थे। इस उल्लंघन को गंभीर मानते हुए अदालत ने अनुभव जैन को आत्मसमर्पण का आदेश दिया, लेकिन अभी तक उन्होंने सरेंडर नहीं किया है। अदालत ने उनकी गिरफ्तारी वारंट भी जारी कर दी है।
सतीश जैन ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा—
“यह फैसला हमारे ब्रांड की साख और उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। मोदीनगर की पहचान बन चुकी जैन शिकंजी अब पूरे देश में मशहूर है, और यह निर्णय नकली ब्रांड बेचने वालों के खिलाफ कड़ी चेतावनी है।”
