मतदाताओं को जागरूक करने के उद्देश्य से सभी विद्यालयों के कैंपस एंबेसडर के बीच मतदाता जागरूकता से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन
डीएम मिथलेश मिश्र ने कहा, मतदाता साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा यह संचालित और बृहद कार्यक्रमकार्यक्रम में आर्ट ऑफ लिविंग के स्वामी परमजीत जी ने आगंतुकों को ध्यान योग कराकर दिमाग को शांत और अधिक कार्य करने के लिए ऊर्जा निर्माण के कई मंत्र बताएं
- सरफ़राज़ आलम की रिपोर्ट
लखीसराय!जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी लखीसराय मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में लखीसराय संग्रहालय के प्रेक्षागृह में सभी विद्यालयों के कैंपस एंबेसडर के बीच मतदाता जागरूकता से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
सर्वप्रथम जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र, स्वीप कोषांग के नोडल पदाधिकारी -सह- जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (आईसीडीएस) बंदना पाण्डेय,जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम,जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्वेता कुमारी एवं जेएनयू के प्रोफेसर मीनू शर्मा ने संयुक्त रूप से द्वीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
आर्ट ऑफ लिविंग के स्वामी परमजीत जी ने उपस्थित सभी आगंतुकों को ध्यान योग कराकर दिमाग को शांत और अधिक कार्य करने के लिए ऊर्जा निर्माण के कई मंत्र बताएं।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी -सह- जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र ने उपस्थित सभी कैंपस एंबेसडर को निर्देश दिया कि अपने-अपने निर्धारित कार्य क्षेत्र में कोई भी नाम मतदाता सूची से नहीं छूटना चाहिए। इसके लिए जो जो भी उपाय किए जा सकते हैं वो सारा कार्य कीजिए। हम सभी तरह से मदद करने के लिए तैयार हैं। पीपीटी के माध्यम से उन्होंने जिला अंतर्गत कम प्रतिशत वाले मतदान केंद्रों पर विशेष बल देते हुए कहा कि उस पर आप सभी विशेष मेहनत करें। जिला अंतर्गत पुरुष मतदाताओं की अपेक्षा महिला मतदाता की संख्या कम है,इसपर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।
स्वीप कोषांग के नोडल पदाधिकारी-सह- जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (आईसीडीएस) बंदना पाण्डेय ने कहा कि स्वीप मतदाता शिक्षा, मतदाता जागरूकता फैलाने और भारत में मतदाता साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित कार्यक्रम है। यह एक बृहद कार्यक्रम है जो विभिन्न प्रकार के गतिविधियों के माध्यम से मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया के बारे में शिक्षित करता है ताकि उनकी जागरूकता बढ़ाई जा सके और उनकी सूचित भागीदारी को बढ़ावा दिया जा सके। स्वीप को राज्य की सामाजिक-आर्थिक, सांस्कृतिक और जनसांख्यिकीय स्थिति के साथ-साथ पिछले चुनावों में मतदाताओं की भागीदारी के इतिहास को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है।
आयोग विभिन्न मतदाता जागरूकता सामग्री तैयार करता है और विभिन्न संचार माध्यमों/प्लेटफ़ॉर्म जैसे प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया आदि के माध्यम से उनका प्रसार करता है। प्रत्येक नागरिक को मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने और प्रत्येक चुनाव में सूचित एवं नैतिक तरीके से मतदान करने के लिए जागरूक, सक्षम एवं सशक्त बनाना।
जेएनयू के प्रोफेसर बड़हिया की बेटी मीनू शर्मा ने अपने संघर्ष के दिन को याद करते हुए बताया कि यदि मन में जुनून और खुद का आत्मविश्वास हो तो कोई भी काम को किया जा सकता है। उन्होंने आचार्य चाणक्य के बारे में बताया कि उनका कहना था कि शिक्षक के गोद में विनाश और निर्माण पलते हैं। इसलिए यहां आप सभी शिक्षकों से आशा ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है कि एक भी नया लोग का नाम मतदाता सूची में जुड़ने से नहीं बचेगा।
आज के कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मतदाता शिक्षा, मतदाता जागरूकता का प्रचार-प्रसार करने एवं मतदाता की जानकारी बढ़ाने के लिए प्रेरित करना था।
अंत में सभी उपस्थित लोगों को जिला पदाधिकारी के द्वारा मतदान हेतु शपथ भी दिलाया गया।
