बीआरसी घोरावल पर शिक्षकों के एफएलएन प्रशिक्षण का हुआ समापन

  • रिपोर्ट: शिवेंदु श्रीवास्तव

सोनभद्र। ब्लॉक संसाधन केंद्र घोरावल में चल रहे फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमरेसी (FLN) तथा एनसीईआरटी की नवीनतम पाठ्यपुस्तकों पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन शुक्रवार को हुआ। करीब एक माह तक चले इस प्रशिक्षण में बैचवार लगभग साढ़े छह सौ शिक्षकों ने भाग लिया और कक्षा एक से तीन तक के बच्चों की पढ़ने-लिखने और गणितीय दक्षता को बेहतर बनाने के नवीन तरीकों की जानकारी प्राप्त की।
खंड शिक्षा अधिकारी अरविंद कुमार पटेल ने समापन अवसर पर शिक्षकों से कहा कि वे प्रशिक्षण से सीखे गए ज्ञान और अनुभव को व्यवहारिक रूप से कक्षाओं में लागू करें, ताकि बच्चे आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान में दक्ष बन सकें। उन्होंने जोर दिया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का प्रमुख लक्ष्य है कि हर बच्चा कक्षा तीन तक पढ़ने और गणना की बुनियादी क्षमता हासिल कर ले।
प्रशिक्षण के दौरान निपुण भारत मिशन की रूपरेखा, विद्यालय तैयारी मॉड्यूल (विद्या प्रवेश), तथा एनआईएसएचटीए-FLN कार्यक्रम की बारीकियों पर भी अध्यापकों को मार्गदर्शन दिया गया। इसमें यह बताया गया कि बच्चों को खेल-आधारित, गतिविधि-आधारित और अनुभवात्मक पद्धति से सिखाना अधिक प्रभावी है।
इस अवसर पर एआरपी मयंक दूबे, अनिल प्रजापति, धनंजय द्विवेदी, ओमप्रकाश एवं हिंदी संदर्भदाता जगदीश पाल ने प्रशिक्षण का संचालन किया और शिक्षकों को सीखने-सिखाने की नई विधियों से अवगत कराया। यह प्रशिक्षण न केवल अध्यापकों की क्षमता-विकास की दिशा में एक ठोस कदम है, बल्कि ग्रामीण व अर्द्धशहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्ता पूर्ण प्राथमिक शिक्षा दिलाने का भी प्रयास है।

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