अमृतसर। (खबरें जंक्शन): बाढ़ ने अमृतसर के धारीवाल कलेर और दयाल भट्टी समेत कई गांवों में भारी तबाही मचाई है। यहां के लोगों के घर पानी में डूबकर खंडहर बन गए हैं। दीवारें और छतें गिर चुकी हैं, दरवाजे व खिड़कियां टूट गईं, वहीं खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। गरीब और कर्ज में डूबे परिवार अब और गहरी आर्थिक मार झेल रहे हैं।
गांव के लोगों ने बताया कि जब पानी आया तो जान बचाने के लिए उन्हें अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा। लेकिन कई दिनों बाद लौटने पर घर मलबे में तब्दील मिले।
गुरमुख सिंह ने कहा— “हम परिवार सहित सुरक्षित जगह चले गए थे, लेकिन पांच दिन बाद लौटे तो कमरे और बरामदे गिर चुके थे। हम सरकार और एनजीओ से गरीब परिवारों के लिए नए कमरे बनवाने की मांग करते हैं।”
सिमरनजीत कौर ने बताया कि वे 26 तारीख को घर छोड़कर गई थीं। 21 दिन बाद लौटने पर उनका घर पूरी तरह ढह चुका था। घर का सामान, बिस्तर, बर्तन सब खराब हो गए और पशुओं के बाड़े भी खाली हो गए। उन्होंने सरकार से छतें बनवाने और फसल के नुकसान की भरपाई की मांग की।
जैमल सिंह ने कहा कि वे 16 दिन बाद लौटे तो उनका पूरा घर गिरा हुआ मिला। उनकी पांच किले ठेके पर ली गई जमीन की फसल भी पूरी तरह बर्बाद हो गई। घर का सारा सामान नष्ट हो गया।
इसी तरह सिमरजीत कौर ने बताया कि 15 दिन बाद लौटने पर घर के अंदर पानी भरा मिला और सारा फर्नीचर व कपड़े खराब हो चुके थे। उन्होंने कहा कि पहले से कर्ज में डूबे होने के कारण बिना सरकारी मदद घर बनाना असंभव है।
गांववासियों ने सरकार और समाजसेवी संस्थाओं से अपील की है कि घर मरम्मत के लिए आर्थिक मदद, फसल नुकसान की भरपाई और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था तुरंत की जाए ताकि वे दोबारा अपनी जिंदगी पटरी पर ला सकें।
