- रिपोर्ट- मनोज कुमार यादव
एटा :— एटा स्थित थर्मल पावर प्लांट परिसर में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों ने विश्वकर्मा जयंती पर अनुशासन, परंपरा और समर्पण का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। देव शिल्पी भगवान विश्वकर्मा, जिन्हें सृष्टि का प्रथम अभियंता और तकनीकी ज्ञान का देवता माना जाता है, उनकी जयंती पर सुरक्षा बल ने हवन करके अपने शस्त्रों और अग्निशमन वाहनों की विधिवत पूजा कर यह संदेश दिया कि केवल मशीनें ही शक्ति का आधार नहीं होतीं, बल्कि उनमें आस्था और जिम्मेदारी का भाव भी जुड़ा रहता है।
शस्त्र पूजा का यह आयोजन केवल धार्मिक कर्मकांड भर नहीं था, बल्कि जवानों के लिए यह आत्मबल और मनोबल को दृढ़ करने का अवसर भी है। जब सुरक्षा कर्मी अपने हथियारों को पूजते हैं, तो वे यह संकल्प भी दोहराते हैं कि इन हथियारों का प्रयोग केवल राष्ट्र और समाज की रक्षा के लिए ही होगा। वहीं अग्निशमन गाड़ियों की पूजा इस बात का प्रतीक है कि आपदा प्रबंधन में तैनात प्रत्येक साधन उनके लिए उतना ही पवित्र है जितना कि जीवन रक्षा का संकल्प।
ऐसे आयोजनों का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व भी है। विश्वकर्मा जयंती पर CISF का यह उत्सव न केवल कर्मयोग की प्रेरणा देता है बल्कि यह भी दर्शाता है कि औद्योगिक सुरक्षा बल तकनीक और परंपरा, दोनों को समान महत्व देता है। थर्मल पावर प्लांट जैसे राष्ट्रीय धरोहर स्थलों की सुरक्षा और सुचारु संचालन में लगी यह शक्ति तभी पूर्ण होती है जब उसमें संस्कृति, शौर्य और जिम्मेदारी का संतुलन मौजूद हो।
यह आयोजन स्पष्ट करता है कि अनुशासन और आस्था जब साथ चलते हैं, तो सुरक्षा तंत्र न केवल मजबूत होता है बल्कि समाज में विश्वास और गर्व की भावना भी भरता है। एटा का यह दृश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए संदेश है कि आधुनिकता की चमक में भी परंपरा का दीपक जलता रहे और राष्ट्र की सुरक्षा में लगे हर साधन को सम्मान मिले।
