हर बात के लिए गूगल सर्च करने वाले हो जाएं सावधान

आजकल लोग बीमार पड़ने पर सबसे पहले गूगल से डॉक्टरी सलाह लेते हैं। मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक सामान खराब हो जाए तो उसके समाधान भी गूगल पर ढूंढते हैं। यह आम धारणा है कि गूगल हर परेशानी का हल देता है। लेकिन अगर आप भी हर छोटी-बड़ी बात के लिए गूगल पर निर्भर रहते हैं तो सावधान हो जाइए, क्योंकि हैकर्स ने यहां अपना जाल बिछा रखा है।

हैकर्स ने बिछा रखा है जाल

साइबर अपराधी गूगल सर्च में नकली वेबसाइट बनाकर और फर्जी हेल्पलाइन नंबर डालकर लोगों को ठग रहे हैं। उन्होंने कई प्रसिद्ध कंपनियों के हूबहू नकली नंबर वेबसाइटों और पेड विज्ञापनों के जरिये गूगल सर्च में ऊपर दिखा दिए हैं।

गूगल सर्च कैसे काम करता है?

जब भी आप किसी कीवर्ड को सर्च करते हैं तो गूगल इंटरनेट पर मौजूद तमाम पेज और जानकारी को स्कैन करता है और आपके सवाल से मेल खाते परिणाम दिखाता है। इसी प्रणाली का फायदा उठाकर हैकर्स अपने फर्जी नंबर और वेबसाइट को सर्च रिजल्ट में ऊपर ले आते हैं।

कीवर्ड बना हथकंडा

हैकर्स खासतौर पर “हेल्पलाइन” जैसे कीवर्ड का इस्तेमाल करते हैं। वे नकली वेबसाइट और पेड एड्स के जरिए यूज़र्स को भ्रमित कर देते हैं। नतीजतन, कई लोग असली कस्टमर केयर की बजाय फर्जी नंबर पर कॉल कर बैठते हैं।

ऐसे बनाते हैं शिकार

फर्जी हेल्पलाइन पर कॉल करने वाले से हैकर्स पहले भरोसा जीतते हैं, फिर समस्या सुलझाने के नाम पर लिंक भेजते हैं और उसमें निजी जानकारी भरने के लिए कहते हैं। कई बार वे ओटीपी भी मांग लेते हैं। यह सब डेटा चोरी और धोखाधड़ी की रणनीति का हिस्सा होता है।

कैसे बचें इस धोखाधड़ी से?

फर्जी नंबर से बचने का सबसे आसान तरीका है— किसी भी कंपनी का हेल्पलाइन नंबर हमेशा उसकी आधिकारिक वेबसाइट से ही लें। कॉल करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें।
साथ ही, किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और फोन पर ओटीपी या बैंक डिटेल जैसी जानकारी साझा न करें।

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