सरकारी भूमि पर फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी : 23 व्यक्तियों व तत्कालीन राजस्व कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
रामपुर। सरकारी भूमि पर अभिलेखों में फर्जीवाड़ा कर अवैध कब्जा जमाने और अभिलेखों को गायब या क्षतिग्रस्त करने के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। 23 व्यक्तियों व तत्कालीन राजस्व कर्मियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
यह कार्रवाई जिलाधिकारी जोगिंदर सिंह के निर्देश पर गठित टीम की संस्तुति के आधार पर की गई। जांच टीम में अपर जिलाधिकारी न्यायिक, उप जिलाधिकारी सदर, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी और डिप्टी कलेक्टर शामिल थे।
जांच में क्या पाया गया?
तहसील सदर क्षेत्र के ग्राम शहीद नगर और अजीतपुर की सरकारी भूमि से संबंधित शिकायतों की जांच में यह तथ्य सामने आया कि ग्राम सईदनगर हरदोपट्टी की सरकारी भूमि कुछ व्यक्तियों के नाम पर बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के फर्जी रूप से दर्ज कर दी गई थी। साथ ही भूमि अभिलेखों में भी गड़बड़ी और हेरफेर किया गया था।
गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
जांच समिति की रिपोर्ट पर प्रशासन ने 23 व्यक्तियों सहित तत्कालीन राजस्व कर्मियों के विरुद्ध जालसाजी और धोखाधड़ी जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
डीएम का बयान
जिलाधिकारी जोगिंदर सिंह ने बताया कि यह भूमि मुख्य हाईवे पर स्थित है, जिस पर कुछ लोगों ने कथित कार बाजार के नाम से अवैध कब्जा कर रखा था। उन्होंने कहा कि जिले की अन्य सरकारी भूमियों की भी जांच की जा रही है और भविष्य में भी जो लोग सरकारी भूमि पर फर्जीवाड़ा या अवैध कब्जा करते पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
