- रिपोर्ट: दानवीर सिंह
आसफपुर। उत्तर प्रदेश सरकार जहां गौवंश संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं बदायूं जिले की तहसील बिसौली क्षेत्र के विकास खंड आसफपुर में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) आवारा पशुओं का अड्डा बन गया है। ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी अपने कर्तव्यों से पूरी तरह उदासीन नजर आ रहे हैं, जबकि गौशालाएं केवल शोपीस बनकर रह गई हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सूरज ढलते ही सीएचसी परिसर में घुमंतू पशुओं का झुंड देखने को मिलता है। यह स्थिति मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए खतरा पैदा कर सकती है, खासकर इमरजेंसी वार्ड और प्रसव कक्ष के आसपास।
मीडिया में आई तस्वीरों में सोमवार रात को स्वास्थ्य केंद्र परिसर में जंगली जानवरों का झुंड स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही जिम्मेदार विभाग कार्रवाई नहीं करता, तो कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और गौशालाओं में व्यवस्था सुधारकर सरकारी धन के दुरुपयोग को रोका जाए।
