फरीदाबाद जिले में एक सनसनीखेज हत्याकांड का फैसला आखिरकार अदालत ने सुना दिया। करीब साढ़े चार साल पुराने इस मामले में कोर्ट ने महिला अन्नू धवन समेत पांच आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। महिला ने अपने दो प्रेमियों और उनके साथियों के साथ मिलकर पति की बेरहमी से हत्या करवाई थी। पहचान छुपाने के लिए शव पर तेजाब डाल उसे नाले में फेंक दिया गया था।
क्या है पूरा मामला
घटना फरीदाबाद की सैनिक कॉलोनी की है। यहां रहने वाले दिनेश धवन की शादी 2013 में अन्नू धवन से हुई थी। शुरुआत में दोनों का वैवाहिक जीवन सामान्य रहा, लेकिन कुछ समय बाद अन्नू के संबंध डबुआ कॉलोनी निवासी हरजीत पाल सिंह उर्फ राजू और जवाहर कॉलोनी निवासी देवेंद्र शर्मा उर्फ नितिन पंडित से बन गए। दोनों का अन्नू के घर आना-जाना भी बढ़ गया, जिससे दिनेश नाराज रहने लगा। वह अक्सर इसका विरोध करता था, लेकिन अन्नू पर कोई असर नहीं हुआ।
पति के विरोध और अपनी मर्जी की जिंदगी में रुकावट बनने पर अन्नू ने प्रेमियों के साथ मिलकर दिनेश को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
ऐसे रची गई हत्या की साजिश
18 जनवरी 2021 को अन्नू, हरजीत और देवेंद्र ने अपने दो और साथियों — पर्वतीय कॉलोनी निवासी विनीत सक्सेना और जवाहर कॉलोनी निवासी विक्की उर्फ विष्णु — की मदद से दिनेश की हत्या कर दी। पहले उसका गला दबाया गया, फिर डंडों से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया। इसके बाद पहचान छुपाने के लिए शव पर तेजाब डाल दिया गया और उसे अनाज गोदाम के पास एक नाले में फेंक दिया गया।
पहचान छिपाने के लिए पत्नी ने कहा — पति उत्तराखंड गया है
शव मिलने के करीब 10 दिन बाद 28 जनवरी 2021 को पुलिस को अनाज गोदाम के पास एक नाले में क्षत-विक्षत शव मिला। पुलिस ने जब शव की शिनाख्त करनी चाही तो अन्नू ने उसे पहचानने से इनकार कर दिया। उसने पुलिस को बताया कि उसका पति उत्तराखंड में नौकरी की तलाश में गया है और फोन पर बात होती रहती है।
भाई की सतर्कता से खुला राज
दिनेश के भाई गुलशन को शक हुआ। उसने पुलिस से अन्नू से सख्ती से पूछताछ करने की मांग की। जब पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू की और अन्नू से सवाल किए तो वह बार-बार बयान बदलने लगी। आखिरकार कड़ाई से पूछताछ करने पर अन्नू टूट गई और उसने पति की हत्या की साजिश का राज खोल दिया।
इसके बाद पुलिस ने हरजीत पाल, देवेंद्र शर्मा, विनीत सक्सेना और विक्की को भी गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या और साजिश की धाराओं में मामला दर्ज कर केस अदालत में भेजा गया।
चार साल में 66 सुनवाई, 33 गवाह, 127 दस्तावेज
मामले की सुनवाई फरीदाबाद के सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग की अदालत में हुई। कोर्ट में करीब साढ़े चार साल तक केस चला। इस दौरान 66 बार सुनवाई हुई और 33 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पुलिस की ओर से अदालत में 127 दस्तावेज पेश किए गए। सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर अदालत ने 5 आरोपियों को दोषी करार दिया।
कोर्ट का फैसला — उम्रकैद और जुर्माना
कोर्ट ने अन्नू धवन, हरजीत पाल सिंह उर्फ राजू, देवेंद्र शर्मा उर्फ नितिन पंडित, विनीत सक्सेना और विक्की उर्फ विष्णु को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इनमें से तीन दोषियों पर 60-60 हजार रुपये और दो दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
