छात्रा ने रैगिंग का विरोध किया, मिली धमकी; कुछ ही घंटों बाद संदिग्ध हालात में मौत

राजधानी लखनऊ की बीसीए सेकेंड ईयर की छात्रा वासवी तोमर (उम्र 19) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वासवी तोमर ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी भीमताल, नैनीताल में पढ़ रही थी। परिजनों का आरोप है कि वासवी ने अपनी जूनियर रूममेट को रैगिंग से बचाने की कोशिश की थी और इस पर कुछ सीनियर्स ने उसे धमकाया था। घटना की सूचना मिलने पर जब परिजन कॉलेज पहुंचे तो उन्हें भवाली के सीएचसी में बेटी का शव मिला।

वासवी लखनऊ के मड़ियांव क्षेत्र स्थित वेदनाथपुरम कॉलोनी की रहने वाली थी। पिता रामकृष्ण तोमर और माता वीनू तोमर को 30 जुलाई की शाम करीब पांच बजे हादसे की सूचना मिली। बेटी की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

परिजनों ने बताया कि वासवी कॉलेज हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। कुछ दिन पहले उसने परिवार से बात कर बताया था कि वह अपनी जूनियर रूममेट को रैगिंग से बचा रही है और उसे इस वजह से धमकियां मिल रही हैं। लेकिन किसी ने उसकी बात गंभीरता से नहीं ली।

जांच में जुटी पुलिस, रैगिंग का मामला आया सामने
स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, हॉस्टल में सीनियर छात्रों की भूमिका पर शक जताया जा रहा है। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

वासवी का बड़ा भाई नोएडा में नौकरी करता है। परिवार न्याय की मांग कर रहा है और इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।

परिजन बोले, “हमारी बेटी ने हिम्मत दिखाई, गलत के खिलाफ आवाज उठाई। लेकिन उसे इसकी सजा मौत के रूप में मिली। दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।”

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