मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्रेस वार्ता: किसानों, पेंशनर्स और उद्यमियों के लिए बड़े फैसले, गन्नौर में बनेगी 3,050 करोड़ की अंतर्राष्ट्रीय मंडी
हरियाणा ( एम.पी. भार्गव) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस वार्ता में प्रदेश हित से जुड़े कई बड़े निर्णयों की जानकारी दी। बैठक में किसानों, पेंशनर्स, उद्यमियों और संविदा कर्मचारियों के लिए अहम फैसले लिए गए।
गन्नौर में बनेगी 3,050 करोड़ की अंतर्राष्ट्रीय मंडी
मुख्यमंत्री ने बताया कि गन्नौर में किसानों के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर की मंडी विकसित की जा रही है, जिस पर करीब 3,050 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
इसके लिए नाबार्ड से 1,850 करोड़ रुपये के ऋण के लिए राज्य सरकार की गारंटी बढ़ाने को मंजूरी दी गई।
यह मंडी हरियाणा सहित दिल्ली और पड़ोसी राज्यों के किसानों व व्यापारियों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी।
बिल्डरों को राजस्व रास्तों पर बुनियादी ढांचा विकसित करने की मंजूरी
लाइसेंसधारी बिल्डरों को अब सीवरेज, जल आपूर्ति, बिजली लाइन, गैस पाइपलाइन आदि सुविधाओं के लिए 6 करम (10 मीटर) तक के राजस्व रास्तों के उपयोग की अनुमति देने वाली नीति को मंजूरी दी गई।
पेंशनर्स को मेडिकल भत्ता
61 से 70 वर्ष के पेंशनर्स को ₹5,000 प्रति माह
70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनर्स को ₹10,000 प्रति माह
के हिसाब से चिकित्सा भत्ता देने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिली।
विपणन बोर्ड के आवंटियों को राहत
जिन आवंटियों के मामले में नो ड्यूज सर्टिफिकेट या कन्वेयंस डीड हो चुकी है लेकिन सॉफ्टवेयर में बकाया दिख रहा है, उनसे केवल मूल राशि ही वसूली जाएगी।
ब्याज और दंडात्मक ब्याज को माफ कर दिया गया है। यह राशि अधिसूचना की तिथि से एक महीने के भीतर जमा करनी होगी।
पंचकूला एग्रो-मॉल के अलॉटियों को राहत
“विवादों का समाधान-II” नीति को मंजूरी दी गई।
तय समय पर कब्जा न मिलने पर 7% वार्षिक ब्याज के हिसाब से मुआवजा मिलेगा।
भुगतान की गणना कब्जा तिथि से लेकर वास्तविक भुगतान प्राप्ति तक की जाएगी।
संविदा कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा
संविदात्मक कर्मचारी सेवा की सुनिश्चितता अधिनियम, 2024 के तहत अनुबंध कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा प्रदान करने वाले नियमों को मंजूरी दी गई।
विधानसभा सत्र 22 अगस्त से
कैबिनेट ने हरियाणा विधानसभा का अगला सत्र 22 अगस्त से प्रारंभ करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि इन सभी फैसलों से प्रदेश में कृषि, उद्योग, कर्मचारी कल्याण और प्रशासनिक पारदर्शिता को नया बल मिलेगा।
